राजस्थान के गॉंवों की व्यथित करने वाली सच्चाई : लाइब्रेरी अब भी लड़कियों की पहुंच से कोसों दूर
लूणकरणसर, से आराधना रात का सन्नाटा था और मिट्टी के आँगन में टिमटिमाती लालटेन की रोशनी में सरिता अपनी किताब खोलकर बैठी थी। वह परेशान है क्योंकि उसके पास न तो इससे जुड़ी कोई संदर्भ पुस्तकें हैं और न ही कोई अतिरिक्त सामग्री, न कोई ऐसा स्थान जहाँ वह चैन से पढ़ सके। हालांकि पढ़ाई…
