तेलुगु हमारी अम्मा और हिंदी पेद्दम्मा (बड़ी मां) के जैसी: पवन कल्याण फिर हिंदी के पक्ष में बोले
पवन कल्याण ने बड़े ही अनोखे अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, अगर तेलुगु हमारे लिए मां के समान है, तो हिंदी हमारे लिए बड़ी मां (पेद्दम्मा) के समान है। हिंदी पूरे भारत को एकजुट करती है।
