टाइगर रिजर्व्स में बफर जोन विकास पर 145 करोड़ रुपए खर्च करेगी प्रदेश सरकार
यह योजना मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व्स के आसपास के बफर जोन को संरक्षित करने और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह योजना मध्य प्रदेश के टाइगर रिजर्व्स के आसपास के बफर जोन को संरक्षित करने और वन्यजीवों के लिए सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यहाँ के अनुकूल वातावरण और सुरक्षित इको-सिस्टम (Eco-System) के कारण पावक और प्रभास तेजी से नए परिवेश में ढल गए हैं। यह परियोजना मध्यप्रदेश को जैव विविधता (Biodiversity) के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अनुसार मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां एयर एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने इस सेवा को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि गंभीर रोगियों और दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को त्वरित चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके। भविष्य में विभिन्न जोन में इस सेवा की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे गरीब से गरीब नागरिक भी इसका लाभ उठा सके।
बोलेरो गाड़ी की रफ्तार बहुत तेज थी और चालक गाड़ी पर नियंत्रण नहीं रख सका। पुल के मोड़ पर गाड़ी गिर गई, जिससे 8 लोगों की जान चली गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया। गंभीर रूप से घायल पांच लोगों को जबलपुर रेफर किया गया है।
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार (22 अप्रैल) हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री कन्या विवाह/निकाह योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु कई संशोधन किए गए हैं। इसके तहत अब ये प्रावधान किए गए हैं: टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्रों का…
बीना विधानसभा क्षेत्र के 200 से अधिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। यह बड़ा राजनीतिक बदलाव खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के निवास पर आयोजित कार्यक्रम में हुआ। नए सदस्यों को पार्टी का गमछा पहनाकर स्वागत किया गया।
जिले में चना-मसूर उपार्जन केंद्र संचालित करने वाली समितियों ने राखी रघुवंशी पर “खरीद प्रक्रिया में अनियमितताएं” और “किसानों का शोषण” करने के आरोप लगाए थे। शिकायतों में दावा किया गया कि DMO समितियों को लाइसेंस जारी करने और उपार्जन प्रक्रिया में जानबूझकर बाधाएं खड़ी कर रही थीं।