Sagar Poisonous Liquor Case: ₹30 हजार का इनामी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पुलिस ने पैर में गोली मारकर पकड़ा
सागर (dailyhindinews.com). जिले के चर्चित बंडा जहरीली शराब कांड में रविवार तड़के पुलिस ने मामले में फरार चल रहे ₹30,000 के इनामी आरोपी शिवांजय राजपूत को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगने के कारण उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
<h4> बहरोल के जंगल में हुई पुलिस मुठभेड़</h4>
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के बहरोल थाना क्षेत्र अंतर्गत कठुआ नाला के पास मड़ैया के जंगल में आरोपी के छिपे होने और वहां से अपने गांव छापरी जाने की सटीक खबर मिली थी।
सूचना मिलते ही बहरोल और बांदरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरा देख 21 वर्षीय आरोपी शिवांजय राजपूत ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ 3 राउंड फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई में 2 राउंड फायर किए, जिससे एक गोली आरोपी के दाहिने पैर में जा लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा।
<h4>आरोपी से बरामद सामान:</h4>
हथियार: 315 बोर का एक देशी कट्टा
कारतूस: 3 जिंदा कारतूस और 3 खाली खोखे
अन्य: एक मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल
<h3>क्या है सागर जहरीली शराब कांड? (Background)</h3>
सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से 30 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हुए थे।
नकली शराब का निर्माण: मुख्य आरोपी चंद्रभान उर्फ चंदू राजपूत के खेत में रवि लखेरा और मनीष लोधी की मदद से जहरीली शराब तैयार की जाती थी।
’सागर गोल्ड’ ब्रांडिंग: इस अवैध शराब को ‘सागर गोल्ड’ के नाम से गांवों में सप्लाई किया जाता था, जिसमें शिवांजय राजपूत मुख्य सप्लायर था।
कड़ी कार्रवाई: मामले में 33 से अधिक आरोपी बनाए गए हैं। इससे पहले 20 हजार के इनामी मास्टरमाइंड रवि लखेरा का भी पुलिस ने एनकाउंटर कर उसे गिरफ्तार किया था।
प्रशासनिक एक्शन: आरोपियों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की गई है और मामले की न्यायिक जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है।
