दखलअंदाजी तो आप करते हैं, ये हमारा काम नहीं… जब भारत ने कनाडा के आरोपों पर दिया मुंहतोड़ जवाब

नई दिल्ली: भारत ने कनाडा के चुनावों में हस्तक्षेप के आरोपों को निराधार करार देते हुए सख्ती से खारिज किया है। भारत ने जोर देते हुए कहा है कि अन्य देशों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल देना नई दिल्ली की नीति नहीं है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘हमने कनाडा के संघीय आयोग की जांच के बारे में मीडिया में प्रकाशित खबरें देखी हैं…हम कनाडा के चुनावों में भारतीय हस्तक्षेप के ऐसे सभी आधारहीन आरोपों को दृढ़ता से खारिज करते हैं। ’भारत ने खारिज किए कनाडा के आरोपविदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आगे कहा, ‘हमें कनाडा के विदेशी दखल की जांच करने वाले आयोग की मीडिया रिपोर्ट्स मिली हैं… हम कनाडा के चुनावों में भारतीय दखल के ऐसे निराधार आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हैं। भारत सरकार की नीति किसी अन्य देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल देने की नहीं है। उन्होंने कहा कि स्थिति इसके विपरीत है, यह कनाडा है जो हमारे आंतरिक मामलों में दखल दे रहा है।’ उन्होंने आगे कहा, हम इस मुद्दे को उनके समक्ष नियमित रूप से उठाते रहे हैं। हम कनाडा से हमारी प्रमुख चिंताओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आह्वान करते रहते हैं।’क्यों बनाया है कनाडा ने आयोग?बता दें कि पिछले साल सितंबर में कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने एक स्वतंत्र आयोग बनाया था, जो कनाडा में कथित विदेशी हस्तक्षेप की जांच कर रहा है। इसी आयोग ने ट्रूडो सरकार से भारत द्वारा चुनावों में संभावित दखल की जानकारी साझा करने के लिए कहा है। यह घटना पहले से ही तनावपूर्ण ओटावा-नई दिल्ली संबंधों को और खराब कर सकती है। कनाडा में विदेशी दखल की जांच करने वाले आयोग का कहना है कि उसने 2019 और 2021 में कनाडा में हुए चुनावों में भारत द्वारा दखल से जुड़े दस्तावेज कनाडा सरकार से मांगे हैं।कनाडा की खुफिया एजेंसी ने लगाए भारत और चीन पर आरोपइस बीच कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि चीन ने पिछले दो चुनावों में दखल डालने की कोशिश की है। इस रिपोर्ट में भारत पर भी वहां के चुनाव में दखल देने के खतरे के आरोप लगे हैं। ग्लोबल न्यूज द्वारा छापी गई इस सीक्रेट रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा सरकार को विदेशी दखल से लड़ने के लिए और कदम उठाने चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘चीन की पीपुल्स रिपब्लिक की विदेशी दखल गतिविधियां पूरे देश में हर स्तर की सरकार और नागरिक समाज के खिलाफ गंभीर है।’पहले लिखे तीन पेज फिर एडिट कर एक वाक्य कर दियाइस रिपोर्ट में ‘भारत के विदेशी दखल’ के बारे में अनुमान लगाते हुए कहा गया है कि इससे वहां और समस्याएं बढ़ सकती हैं। ऐसे में कनाडा की मजबूत लोकतांत्रिक संस्थानों और प्रक्रियाओं की रक्षा के लिए और कदम उठाने चाहिए। इस खुफिया रिपोर्ट में चीन के अलावा केवल भारत का ही नाम है। रिपोर्ट के तीन पेज भारत से संबंधित थे। हालांकि बाद में उन्हें एडिट करके केवल एक ही वाक्य रह गया- ‘भारत विदेशी दखल गतिविधियों में शामिल है।’बता दें कि सितंबर 2023 में कनाडा में एक खालिस्तानी अलगाववादी की हत्या के बाद कनाडा और भारत के बीच तनाव बढ़ गया था। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा की संसद को बताया था कि संभव है भारत सरकार का इस हत्याकांड में हाथ हो। सीटीवी न्यूज की खबर के अनुसार कनाडा के संघीय आयोग के संदर्भ की शर्तें मुख्य रूप से 2019 और 2021 के संघीय चुनावों में चीन, रूस और अन्य विदेशी सरकारों या गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संभावित हस्तक्षेप की जांच करना है।