योगी-शिवराज के मंत्रियों को मिली गुजरात की जिम्मेदारी, बनाए गए जिलों के प्रभारी

गुजरात विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बीजेपी के केंद्रीय और कई राज्यों के नेताओं को गुजरात में जिलों का प्रभारी नियुक्त बनाया गया है. वहीं, इसकी जिम्मेवारी वाले जिलों में उन्हें प्रचार प्रसार का जिम्मा दिया गया है. ऐसे सभी नेताओं को अक्टूबर के अंतिम हफ्ते तक गुजरात पहुंचने को कहा गया है. इसके साथ ही जिला प्रभारी बनाए गए राष्ट्रीय और दूसरे राज्यों के कैबिनेट मंत्रियों को अपने अपने जिलों में आने वाले सभी विधानसभा क्षेत्रों में लोकल लीडर्स के साथ सामंजस्य बिठाकर बेहतर परिणाम के लिए मेहनत करने को कहा गया है.
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के केंद्रीय नेताओं में राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग को जामनगर जिला, सी टी रवि को आनंद जिला, बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी लक्ष्मण को द्वारका और पोरबंदर तो राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को वडोदरा ग्रामीण और छोटा उदेपुर जिला का प्रभार दिया गया है. वहीं, यूपी से राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत वाजपेई को जूनागढ़ तो वहीं यूपी से दूसरे राज्यसभा सांसद विजयपाल तोमर को गिर और जूनागढ़ जिले का प्रभार दिया गया है.
CM योगी की टीम से 2 जिला प्रभारी किए गए नियुक्त
इस दौरान उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ के कैबिनेट मंत्रियों में स्वतंत्र देव सिंह को को कच्छ जिले का तो दयाशंकर सिंह को राजकोट ग्रामीण और जेपीएस राठौर को महीसागर जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया है.
शिवराज सिंह चौहान की टीम से ये हुए शामिल
मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान के कैबिनेट से नरोत्तम मिश्रा को बनासकाठा जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया. इसके साथ ही मध्य प्रदेश के 2 अन्य कैबिनेट मंत्रियों में अरविंद सिंह भदौरिया को भरूच और इंद्र सिंह परमार को खेड़ा जिले का प्रभारी नियुक्त किया गया है.
राजस्थान की टीम से कौन-कौन लोग हैं शामिल?
इसके अलावा गुजरात के सीमावर्ती राज्य राजस्थान के सैकड़ों बीजेपी नेताओं को पड़ोसी या बॉर्डर के जिलों में काम करने को कहा गया है. ऐसे नेताओं को राजस्थान और गुजरात के सीमा से सटे करीब 46 विधानसभा क्षेत्रों में काम दिया गया है. राजस्थान के वरिष्ठ विधायक नारायण सिंह देवल को राजस्थान से लगाए गए 100 से अधिक नेताओं का कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है. एक आंकड़ों के मुताबिक गुजरात में राजस्थान मूल के निवासी मतदाताओं को संख्या लगभग पचास लाख के करीब है, इसमें से राजस्थान के ज्यादातर लोग सूरत और अहमदाबाद इलाकों में रहते हैं.