Wrestlers Protest: ‘बृजभूषण के पक्ष में काम कर रही पुलिस’, पहलवानों ने कहा- जब तक कार्रवाई नहीं होती, धरना जारी रहेगा

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना आज जारी है। पहलवानों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई भी हुई। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद ओलंपियन विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान दोनों ने सुप्रीम कोर्ट का शुक्रिया करते हुए साफ तौर पर कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती है हमार धरना जारी रहेगा। विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने अभी तक जो किया है हम उसके शुक्रगुजार हैं। सुप्रीम कोर्ट में आज हमारी सुनवाई थी, सुप्रीम कोर्ट ने जो भी आदेश दिया है हम उसका पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि हमआगे दिल्ली हाईकोर्ट सहित बाकी के रास्ते हैं जहां जा सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: प्रदर्शन के कारण हो रही पहलवानों की ट्रेनिंग प्रभावित, प्रदर्शन नहीं कर रहे पहलवानों ने राष्ट्रीय शिविर की बहाली की मांग कीविनेश फोगाट और बजरंग पुनिया ने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस बृजभूषण के पक्ष में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि हम अपराधी नहीं है हम अपने हक की लड़ाई के लिए यहां बैठे हैं। उन्होंने दावा किया कि यहां हमारे समर्थन में आने वाले कई लोगों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके साथ ही पहलवानों ने उन्हें जल्द रिहा करने की मांग की और अगर उन लोगों को कुछ होता है तो उसकी ज़िम्मेदारी दिल्ली पुलिस की होगी। पहलवानों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक कार्रवाई नहीं होती है हमार धरना जारी रहेगा। प्रदर्शनकारी पहलवानों ने कहा कि उच्चतम न्यायालय का आदेश झटका नहीं है, शीर्ष अदालत ने इस मामले में वह किया जो वह कर सकती थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने तीन महिला पहलवानों की याचिका पर कार्यवाही बंद कर दी थी। इन पहलवानों ने भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाये हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले इस बात का संज्ञान लिया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और सात शिकायतकर्ताओं को पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की गयी है। प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने पहलवानों के वकील की इस मौखिक याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया कि इस मामले में चल रही जांच पर किसी उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त या सेवारत न्यायाधीश निगरानी रखें।