क्या नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान करेंगे बगावत? संजय राउत ने मोहन भागवत के बयान पर संघ से पूछा सवाल

मुंबई: (आरएसएस) प्रमुख की तरफ से अहंकार नहीं पालने की नसीहत दिए जाने के बाद शिवसेना यूबीटी ने तंज कसा है। शिवसेना यूबीटी नेता ने आरएसएस प्रमुख के संबोधन को लेकर बीजेपी पर जहां निशाना साधा है तो वहीं दूसरी ओर संघ से पूछा है कि अहंकार की सीमा लांघने वाले मोदी-शाह के खिलाफ उनके नेता बगावत करेंगे। राउत ने कहा कि संघ से जुड़े नेता और जैसे लोग बैठे हैं। मैं पूछता हूं कि उनमें संघ की बात नहीं मानने वालों के खिलाफ बगावत करने की हिम्मत है। राउत ने कहा कि आज की बीजेपी में संघ की नहीं सुनी जाती है। संघ ने तो यह भी कहा था कि शिवसेना के साथ गठबंधन नहीं टूटना चाहिए। क्या हुआ? उन्होंने महाराष्ट्र में शिवसेना ही तोड़ दी फिर एनसीपी को तोड़ा। चुप बैठने से क्या होगा? राउत ने कहा कि अगर गलत हो रहा है तो उसके खिलाफ उठाई जानी चाहिए। चुप बैठने और लिखने से क्या होगा। उनके लोग बगावत करेंगे। राउत ने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि संघ को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? लेकिन संघ जो बीजेपी की पहले मातृ संस्था थी, उसके काफी लोग बीजेपी में है और चुप बैठे हुए हैं। राउत ने केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भी नाम लिया। कहा संघ से उनके भी अच्छे रिश्ते हैं। 10 जून को नागपुर में संघ प्रमुख ने कहा था कि मणिपुर एक साल से जल रहा है। शांति की राह देख रहा है। उस पर प्राथमिकता से विचार होना चाहिए। संघ प्रमुख ने यह भी कहा था कि सच्चा लोकसेवक वही है जो अहंकार न पाले। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने संघ प्रमुख के संबोधन पर बोलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला और कहा कि तानाशाही जारी है। खूब भ्रष्टाचार हो रहा है। संघ इसे देखे। संजय राउत ने भ्रष्ट नेताओं को बीजेपी में लेने पर भी आलोचना की। संजय राउत ने कहा कि पिछले 10 सालों में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व में आरएसएस को हाशिए पर धकेला है।