मालदीव में ‘इंडिया आउट’ कैंपन पर क्यों बवाल? राष्‍ट्रपति मुइज्‍जू और अब्‍दुल्‍ला यामीन आमने-सामने

माले: मालदीव में इंडिया आउट कैंपन को लेकर चीन समर्थक पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अपने उत्तराधिकारी और वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू पर भड़के हुए हैं। उन्होंने पहले की सरकार में जारी उस आदेश को रद्द करने में हो रही देरी पर नाराजगी जताई है, जिसका उद्देश्य इंडिया आउट कैंपने को रोकना था। इस आदेश को इब्राहिम मोहम्मद सोलिह की सरकार ने जारी किया था। मालदीव के वर्तमान राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चीन के कट्टर समर्थक हैं, लेकिन वह भारत विरोधी फैसलों की रफ्तार को धीरे-धीरे बढ़ा रहे हैं। इस कारण पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन खासे नाराज हैं। अब्दुल्ला यामीन के शासन में भारत और मालदीव के संबंध बेहद खराब हो गए थे।यामीन ने भारत के खिलाफ जारी की थी मुहिमयामीन ने भारत के खिलाफ जानबूझकर इंडिया आउट कैंपेन की शुरुआत की थी। ऐसे में तत्कालीन राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने यामीन के इस कैंपेन को बिना किसी वैध उद्देश्य के राजनीतिक कारणों से एक विशेष देश के खिलाफ समन्वित प्रयास के रूप में चिह्नित करते हुए 21 अप्रैल, 2022 को “संगठित गतिविधियों को रोकने” के नाम से एक डिक्री पर हस्ताक्षर किया था। यह डिक्री अभी तक लागू है। इस कारण यामीन की पसंदीदा इंडिया आउट कैंपेन को सड़कों पर समर्थन नहीं मिल पा रहा है।यामीन ने मुइज्जू सरकार के खिलाफ क्या कहाऐसे में एक दिन पहले पीपुल्स नेशनल फ्रंट (पीएनएफ) पार्टी की एक रैली में दर्शकों से बोलते हुए यामीन ने गुस्से का इजहार किया। एक अवसर पर, यामीन ने पूछा कि डिक्री को रद्द क्यों नहीं किया गया और नाराजगी जताई। यामीन ने कहा, यह अभियान चिंताओं के कारण शुरू किया गया था और इसके तहत पर्याप्त प्रयास किए गए थे। हालांकि, राष्ट्रपति द्वारा जारी एक आदेश से अभियान को रोकना संभव हो गया और सुरक्षा बलों के साथ टकराव से बचने के लिए गतिविधियों को निलंबित कर दिया गया।एंटी इंडिया प्रदर्शन पर लगी हुई है रोकयामीन ने कहा, “यह सरकार केवल कलम के एक झटके से उस आदेश को रद्द करने में असमर्थ क्यों है? यह तभी होगा जब इसे रद्द किया जाएगा, है ना, कल भी मेरे घर पर इंडिया आउट का बैनर होगा। हम इंडिया आउट प्रयास के लिए सड़कों पर उतरने में सक्षम होंगे। लेकिन वे अभी भी इस आदेश को रद्द नहीं कर पाए हैं।” पूर्व राष्ट्रपति सोलिह के जारी किए गए आदेश के बाद सरकारी एजेंसियों को गतिविधियों को रोकने का निर्देश दिया गया था। जिसके बाद पुलिस ने एक अदालत का आदेश प्राप्त किया और माले में विभिन्न इमारतों पर लगे “इंडिया आउट” बैनर हटा दिए। सरकार ने यामीन के घर पर लगा इंडिया आउट कै बैनर भी हटा दिया था।