संयोजक पद को लालू के पाले में क्यों डाल रहे नीतीश, बिहार CM के मन में क्या चल रहा है?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिन्होंने इंडिया ब्लॉक का संयोजक बनने से इनकार कर दिया, ने गठबंधन के कुछ सदस्यों द्वारा लालू यादव का नाम सुझाए जाने के बाद इस पद के लिए उनका प्रस्ताव रखा। सबसे पहले नीतीश कुमार को इस गुट का संयोजक बनने की पेशकश की गई थी, हालांकि, उन्होंने इस पद से इनकार कर दिया और कहा कि अगर ऐसा है तो लालू यादव को I.N.D.I.A गठबंधन का संयोजक बना दें।  इसे भी पढ़ें: INDIA ब्लॉक के चेयरपर्सन होंगे मल्लिकार्जुन खड़गे, नीतीश कुमार ने ठुकराया संयोजक का पद नीतीश कुमार ने अपने बयान से अब संयोजक पद का पूरा मामला लाल यादव की गोद में डाल दिया है। यानी कि अब गेंद लालू यादव के पाले में है। साथ ही साथ नीतीश कुमार को लेकर जो चर्चाएं पिछले कुछ दिनों से काफी चल रही थी कि वह एक बार फिर से पलटी मार सकते हैं, इसको फिर से हवा मिल गई है। अगर नीतीश कुमार संयोजक पद अपने पास रख लेते हैं तो इस पर विराम लग सकता था। लेकिन ऐसा फिलहाल नहीं हुआ। नीतीश ने इंडिया गठबंधन को भी बता दिया है कि वह संयोजक जैसे पद से शायद नहीं मानने वाले। उनकी पार्टी की ओर से बार-बार कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री पद के पदार्थ है। नीतीश को पता है कि लालू यादव के स्वास्थ्य अच्छा नहीं है। बावजूद इसके उनके पहले में गेंद डालकर कोई ना कोई नई राजनीति के तहत जदयू प्रमुख ने अपना कदम बढ़ाया है। यह घटनाक्रम तब हुआ जब I.N.D.I.A ब्लॉक के सदस्यों ने शनिवार को एक आभासी बैठक की, हालांकि, टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हुए। बैठक के बारे में बोलते हुए, सीपीआई महासचिव डी राजा ने कहा कि यह एक अच्छी मुलाकात थी. बैठक में 12 में से 10 पार्टियां शामिल हुईं…ममता बनर्जी, अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं हो सके. सीट बंटवारे पर चर्चा हुई. I.N.D.I.A ब्लॉक के सभी घटकों को सीट-बंटवारे की बातचीत शुरू करने और उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसे भी पढ़ें: शनिवार को INDIA गठबंधन की वर्चुअल बैठक, शामिल होंगे शीर्ष नेता, नीतीश कुमार को लेकर हो सकता है बड़ा फैसलाशरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बैठक के बाद कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में इंडिया अलायंस की बैठक हुई। उन्होंने कहा कि हमारी चर्चा हुई कि हम सब जल्द से जल्द सीट शेयरिंग पर फैसला लेंगे। कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि गठबंधन का नेतृत्व मल्लिकार्जुन खड़गे को करना चाहिए और सभी इस पर सहमत हुए। हमने आने वाले दिनों की योजना बनाने के लिए एक समिति भी बनाई।