जिनपिंग को क्यों सता रहा चीनी सेना में फूट का डर, मिलिट्री बेस का दौरा कर एकता पर दे रहे लेक्चर

बीजिंग: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग इन दिनों पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में फूट से डरे हुए हैं। इस कारण उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन जैसे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में शामिल होने के बजाए सैन्य मुख्यालयों के दौरे को अहमियत दी। जब पूरी दुनिया से शीर्ष नेता नई दिल्ली में वैश्विक मुद्दों पर चर्चा कर रहे थे, उस वक्त शी जिनपिंग चीन के उत्तर-पूर्व में एक मिलिट्री बेस के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने चीनी सेना के भीतर एकता और स्थिरता का आह्वान किया। जिनपिंग ने कहा कि चीनी सेना को अखंडता और एकता के उच्च स्तर को बनाए रखना होगा। उन्होंने चीनी सेना के युद्ध की तैयारियों के स्तर को भी बढ़ाने की अपील की। शी जिनपिंग राष्ट्रपति के अलावा चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की केंद्रीय समिति के महासचिव और केंद्रीय सैन्य आयोग के अध्यक्ष भी हैं।जिनपिंग ने सैन्य मुख्यालय का दौरा कर क्या कहाचीन की आधिकारिक शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, जिनपिंग ने पूर्वोत्तर चीन की यात्रा के दौरान कहा कि हमें सैनिकों की शिक्षा और प्रबंधन को सख्ती से लागू करना चाहिए और उच्च स्तर की एकता, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने युद्ध की तैयारी के स्तर में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। जून में इनर मंगोलिया की यात्रा के दौरान भी जिनपिंग ने नियमित रूप से देश की सेना के भीतर स्थिरता की आवश्यकता बताई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि शी जिनपिंग को चीनी सेना में फूट का डर क्यों लग रहा है, क्योंकि राष्ट्राध्यक्ष या सर्वोच्च कमांडर सेना में अखंडता और एकता को मजबूत करने की बात ज्यादा नहीं करते हैं।जिनपिंग को क्यों सता रहा फूट का डरदरअसल, इस साल की शुरुआत में शी जिनपिंग ने अचानक ही चीन के गुप्त रॉकेट फोर्स का नेतृत्व करने वाले दो जनरलों को बिना किसी स्पष्टीकरण के हटा दिया था। रॉकेट फोर्स ही चीन के परमाणु हथियारों की जिम्मेदारी संभालती है। ऐसा तब हुआ, जब चीन के विदेश मंत्री क्विन गैंग भी गायब थे। अब तो खबर यह है कि चीन के रक्षा मंत्री ली शांगफू का भी कोई सुराग नहीं है। वह भी पिछले कई दिनों से सार्वजनिक तौर पर नहीं दिखे हैं। ली शांगफू को आखिरी बार 29 अगस्त को देखा गया था। चीन में आमतौर पर वरिष्ठ अधिकारी या नेता तब गायब होते हैं, जब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार या आचरण से जुड़े कोई अन्य आरोप लगे हों।चीनी रक्षा मंत्री की गुमशुदगी ने बढ़ाई टेंशनचीन की सेना ने जुलाई में अक्टूबर 2017 में हार्डवेयर की खरीद से जुड़े भ्रष्टाचार की जांच शुरू की, बिना यह बताए कि वह तारीख क्यों महत्वपूर्ण थी। ली ने सितंबर 2017 से 2022 तक उपकरण विभाग का नेतृत्व किया, हालांकि ऐसा कोई संकेत नहीं है कि उन पर गलत काम करने का संदेह है। जांच इस बात का संकेत है कि पीएलए को साफ करने के लिए शी जिनपिंग की लगभग एक दशक लंबी मुहिम अधूरी है। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले हफ्ते पूर्वोत्तर में सेना इकाई के शी जिनपिंग के निरीक्षण दौरे के दौरान उनके साथ चीन के शीर्ष सैन्य निकाय के उपाध्यक्ष झांग यूक्सिया भी थे।