केरल में पहली बार कमल खिलाने वाले सांसद ने क्यों कह दिया, मैं तो कुछ नहीं बोलूंगा!

नई दिल्ली: केरल में पहली पर कमल खिलाने वाले बीजेपी के नवनिर्वाचित सांसद सुरेश गोपी पीएम नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं शपथ ग्रहण समारोह के बाद बोलूंगा।’ तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गोपी ने कहा कि मोदी ने उनसे तुरंत दिल्ली पहुंचने को कहा है। सुरेश गोपी के इस बयान को लेकर सियासी गलियारों में अटकलें तेज हो गई है। इस बयान के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। सुरेश गोपी केरल के त्रिशूर से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विजेता हैं, जिन्होंने पार्टी को दक्षिणी राज्य में अपना लोकसभा खाता खोलने में मदद की।लोकसभा चुनाव में गोपी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वी एस सुनील कुमार को रोमांचक मुकाबले में हराया था। निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, गोपी को 4,12,338 वोट मिले, जबकि कुमार को 3,37,652 मत मिले थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन 3,28,124 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे थे।क्या मंत्री बनेंगे सुरेश गोपी? अभिनेता से नेता बने और त्रिशूर लोकसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित सासंद सुरेश गोपी ने कहा कि उन्हें फिलहाल इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नई सरकार में उन्हें क्या भूमिका दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘मैं अपने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री-अपने राष्ट्रीय नेताओं-के आदेश का पालन कर रहा हूं।’ गोपी ने यह भी कहा, ‘जश्न जारी रहना चाहिए।’ लोकसभा सदस्य ने कहा, ‘यह लोगों का उत्सव है, इसलिए इसमें कोई बाधा या विचारों की भिन्नता नहीं हो सकती।’ गुरुवार को गोपी ने कहा था कि वह मंत्री नहीं बनना चाहते हैं और सिर्फ यह चाहते हैं कि मंत्रालय केरल के लोगों के कल्याण के लिए उनके द्वारा प्रस्तावित परियोजनाओं को लागू करें। रविवार को उन्होंने वही बात दोहराई जो पहले कही थी-वह केरल और पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के लिए भी सांसद के रूप में काम करेंगे।