दिल्‍ली का बजट क्‍यों लेट हुआ? केजरीवाल सरकार से एलजी के वो 5 सवाल जान लीजिए

नई दिल्‍ली: दिल्‍ली सरकार का बजट एक दिन लेट हो गया। आम आदमी पार्टी केंद्र सरकार पर आरोप लगाए। एलजी ऑफिस ने कहा कि उपराज्‍यपाल की तरफ से बजट में कुछ बातों पर स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया था। ये सवाल दिल्ली के एलजी वीके सक्‍सेना की तरफ से ही उठाए गए थे। एलजी ने बजट प्रस्तावों को देखने के बाद 9 मार्च को इस संबंध में दिल्ली सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था, जबकि 10 मार्च को बजट केंद्र सरकार को भेज दिया गया। दिल्ली के वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने भी मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि यह जरूरी नहीं है कि एलजी के द्वारा लगाई गई क्वैरीज का तुरंत जवाब दिया जाए। एलजी ऑफिस के सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि एलजी ने बजट में किन मुद्दों पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था और उस पर दिल्ली के वित्त मंत्री ने क्या जवाब दिया।दिल्‍ली का बजट : एलजी के सवाल और सरकार के जवाबएलजी : पूंजीगत परियोजनाओं के लिए आवंटन पर्याप्त नहीं लग रहा।वित्त मंत्री : पिछले 8 सालों में पूंजीगत परियोजनाओं पर व्यय पहले के मुकाबले बढ़कर लगभग दोगुना हो गया है। कुल बजट में इसका हिस्सा पहले जितना रहा है, इस साल भी लगभग उतना ही है।एलजी : सब्सिडी पर हो रहे खर्च को नियंत्रित करने की जरूरत है।वित्त मंत्री : दिल्ली सरकार कई सारी वेलफेयर स्कीमों के तहत सब्सिडी देती आ रही है। इस साल भी इस पर होने वाला व्यय कुल बजट का एक बहुत छोटा सा हिस्सा है।एलजी : नैशनल सोशल सिक्योरिटी फंड (एनएसएसएफ) के पास जमा राशियों पर लोन लेने से सरकार पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।वित्त मंत्री : लोन कितना लिया जाएगा, यह वित्त वर्ष के दौरान सामने आने वाली जरूरतों पर निर्भर करेगा। पिछले वित्त वर्ष में भी जितना लोन लेने का प्रस्ताव रखा गया था, उससे बहुत कम लोन ही वास्तव में लिया गया। एलजी : विज्ञापनों के लिए पिछले साल के मुकाबले इस साल ज्यादा बजट का प्रस्ताव समझ से परे है।वित्त मंत्री : पिछले 5 सालों में विज्ञापनों पर हुए खर्च का पूरा ब्यौरा दिया गया है। प्रस्तावित और वास्तविक खर्च में कुछ अंतर हो सकता है, जिसे संशोधित बजट अनुमान में एडजस्ट किया जाएगा।एलजी : केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से धनराशि प्राप्त की जा सकती है। दिल्ली सरकार इसका पूरा इस्तेमाल नहीं कर रही है।वित्त मंत्री : पिछले साल केंद्र सरकार की कई योजनाओं के तहत दिल्ली को फंड मिला है, जिसका पूरा ब्यौरा दे दिया गया है।जोड़े हाथ, झुकाया सिर; विधानसभा में बोले AK – ऊपर से लेकर नीचे तक अनपढ़ों की जमातदिल्ली का बजट समय पर पेश न होने के लिए दिल्ली सरकार ने सीधे तौर पर केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए इसे देश के संविधान पर हमला बताया। विधानसभा में इस मुद्दे पर आयोजित चर्चा में अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर ने सपने में भी नहीं सोचा होगा कि देश में ऐसी स्थिति भी आएगी, जब केंद्र सरकार किसी राज्य की चुनी हुई सरकार का बजट पेश नहीं होने देगी। यह संवैधानिक क्राइसिस ही नहीं, बल्कि देश के संविधान पर हमला है। उन्होंने एलजी की तरफ से बजट पर लगाई गई आपत्तियों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि संवैधानिक प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार एलजी को सरकार के बजट पर आपत्तियां लगाने या सवाल करने का कोई अधिकार ही नहीं है।