महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कौन होगा MVA में सीएम फेस? शरद पवार की मौजूदगी में उद्धव ठाकरे ने दिया ये जवाब

मुंबई: 2024 लोकसभा चुनावों में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद महाराष्ट्र में महाविकास आघाडी (MVA) नेताओं ने विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ने का ऐलान किया है। चुनाव नतीजों के बाद बार एमवीए नेता एक साथ मीडिया से मुखातिब हुए। इसमें उन्होंने तमाम सवालों के जवाब दिए है। इसमें साफ हुआ कि एमवीए विधानसभा चुनाव एक साथ ही लड़ेगा। प्रेस कांफ्रेंस में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार साफ तौर पर उद्धव ठाकरे के साथ कदमताल मिलाते दिखे। एमवीए की प्रेस कांफ्रेंस में सवाल हुआ कि एमवीए का चुनावों में मुख्यमंत्री फेस का सवाल भी उठा। इस पर शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने सीधा जवाब न देते हुए बड़ी टिप्पणी की। उन्होंने पलटकर पूछा कि महायुति में कौन सीएम का चेहरा है? उद्धव ठाकरे को पवार का समर्थन! महायुति सरकार की अगुवाई अभी एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। बीजेपी के नेता देवेंद्र फडणवीस उनके डिप्टी हैं। राजनीति हलकों में चर्चा है कि शरद पवार मुख्यमंत्री पद के लिए उद्धव ठाकरे को समर्थन कर सकते हैं। पिछली बार भी शरद पवार की पहल पर ही उद्धव ठाकरे राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। एमवीए की प्रेस कांफ्रेंस के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि तीनों शरद पवार की पार्टी 70 से 80 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। कांग्रेस और शिवसेना यूबीटी के बीच बाकी की 208 से 218 सीटों का बंटवारा हो सकता है। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव अक्टूबर महीने में होने हैं। महायुति में मंथन का दौर चल रहा है तो वहीं महाविकास आघाडी के घटक दलों ने फाइनल मुकाबले की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में शरद पवार, संजय राउत और आदित्य ठाकरे राज्य में परिवर्तन होने का दावा कर रहे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या शरद पवार ने उद्धव ठाकरे को सीएम बनाने के लिए कमर कस ली है। उद्धव ठाकरे दो साल 214 दिनों तक एमवीए सरकार चला चुके हैं। 2019 में क्या थी स्थिति? 2019 विधानसभा चुनावों में एनडीए और यूपीए के बीच मुकाबला हुआ था। तब बीजेपी 152 और शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। 12 सीटें एनडीए के छोटे दलों को मिली थीं। इसी प्रकार कांग्रेस पार्टी 125 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। तब एनसीपी को 125 सीटें मिली थीं। यूपीए के दूसरे सहयोगियों को 38 सीटें हासिल हुई थीं। तब बीजेपी को 105, शिवसेना (अविभाजित) को 56, एनसीपी को 54 सीटों पर जीत मिली थी। कांग्रेस को 44 सीटों पर जीत हासिल हुई थी।