कौन है वह कंपनी, जिसकी कफ सिरप पीने से 18 बच्चों की मौत का है दावा?

नई दिल्ली : कुछ महीने पहले आपने यह खबर सुनी होगी कि हरियाणा बेस्ड एक कंपनी की (cough syrup) पीने से कथित तौर पर गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत हो गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी देते हुए कहा था कि इस बात की आशंका है कि कंपनी के कफ सिरप को गाम्बिया में बच्चों की मौत से जोड़ा जा सकता है। हालांकि, बाद में मेडेन फार्मा की खांसी (Maiden Pharma cough syrups) की दवा के नमूने गुणवत्ता पर खरे पाए गए थे। अब नोएडा की एक कंपनी को लेकर भी ऐसी ही एक खबर सामने आई है। मैरीन बायोटेक (Marion Biotech) को (Uzbekistan) में कफ सिरप पीने से हुई 18 बच्चों की मौत की घटना से जोड़ा जा रहा है।

उज्बेकिस्तान में 18 बच्चों की मौत से जुड़ा है मामला

उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्री ने एक बयान में कहा, ‘तीव्र श्वसन रोग से पीड़ित 21 बच्चों में से 18 की मौत खांसी की दवाई डॉक-1 मैक्स (Dok-1 Max) लेने से हुई है। डॉक-1 मैक्स में पेरासिटामोल सक्रिय अवयवों में से एक होने के चलते पेरेंट्स ने स्थानीय फार्मेसियों की सिफारिश पर गलत तरीके से इसे एंटी कोल्ड दवा के रूप में इस्तेमाल किया।’

कंपनी पर हुई यह कार्रवाई

उज्बेकिस्तान से सूचना मिलने के बाद यूपी ड्रग कंट्रोल और CDSCO टीम ने मैरीन बायोटेक की जांच की है और दवा के सैंपल कलेक्ट किये हैं। स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ( Mansukh Mandaviya) ने खुद यह जानकारी दी है। मंडाविया ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘भारतीय कंपनी मैरीन बायोटेक, नोएडा, उत्तर प्रदेश द्वारा निर्मित खांसी की दवाई के संबंध में उज्बेकिस्तान से आई खबरों के बाद CDSCO उज्बेकिस्तान के राष्ट्रीय दवा नियामक के संपर्क में है। सूचना मिलते ही यूपी ड्रग कंट्रोल और सीडीएससीओ की टीम ने मैरीन बायोटेक के नोएडा फैसिलिटी का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के आधार पर आगे की उचित कार्रवाई होगी। निर्माण परिसर से कफ सिरप के नमूने लेकर परीक्षण के लिए क्षेत्रीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला, चंडीगढ़ भेजे गए हैं।’

क्या करती है मैरीन बायोटेक?

मैरीन बायोटेक उत्तर प्रदेश में नोएडा बेस्ड कंपनी है। यह मुख्य रूप से फार्मास्यूटिकल, न्यूट्रास्युटिकल, हर्बल और कॉस्मेटिक व्यवसायों में काम करती है। कंपनी के लिंक्डइन पेज के मुताबिक, यह एमेनॉक्स ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। मिनिस्ट्री ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स की वेबसाइट के मुताबिक मैरीन बायोटेक के मौजूदा डायरेक्टर सचिन जैन और जया जैन हैं। कंपनी रिसर्च प्लेटफॉर्म टॉफ्लर के अनुसार, सचिन जैन और जया जैन कथित तौर पर 23 कंपनियों में डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं।

बनाती है दर्द, बुखार और सर्दी से जुड़ी दवाएं

रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज के मुताबिक, दवा बनाने वाली यह कंपनी 21 मई, 1999 को इनकॉर्पोरेट हुई थी। कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी 2.50 करोड़ रुपये है और पेड-अप 2.27 करोड़ रुपये है। मैरीन बायोटेक की नोएडा में एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। कंपनी की वेबसाइट के अनुसार उसके पास WHO GMP सर्टिफिकेट है। मैरीन बायोटेक 100 से अधिक हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स और कई ओटीसी (ओवर-द-काउंटर), नुस्खे और हर्बल दवाओं का निर्माता है। जो मुख्य रूप से दर्द, बुखार और सर्दी के इलाज में उपयोग होती हैं।

विदेशों में एक्सपोर्ट करती है प्रोडक्ट

यह कंपनी भारतीय बाजार के लिए और विदेशों में एक्सपोर्ट करने के लिए उत्पादों का निर्माण करती है। कंपनी सीआईएस (रूस और पूर्व सोवियत गणराज्य), दक्षिण पूर्व एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका सहित दुनियाभर के विभिन्न देशों में अपने उत्पाद निर्यात करती है।