कौन हैं रणदीप गुलेरिया और बी.जे राव? जिन्हें क्लीन एग्जाम के संचालन की कमिटी का बनाया गया है सदस्य

नई दिल्ली: NTA NEET और UGC-NET पेपर लीक मामले को लेकर जारी बवाल के बीच शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला किया है। शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। ये कमिटी परीक्षाओं में सुधार, सुरक्षा प्रोटोकॉल, एनटीए की संरचना और कार्यप्रणाली को लेकर रिपोर्ट तैयार करेगी। कमिटी दो महीने के भीतर शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस कमिटी का अध्यक्ष इसरो के पूर्व चेयरमैन डॉ. के. राधाकृष्णन को बनाया गया है। वहीं इसमें छह सदस्य शामिल हैं, जिसमें एम्स के पूर्व डायरेक्टर और हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर बी.जे. राव शामिल हैं। आखिर डॉ रणदीप गुलेरिया और प्रोफेसर बी.जे. राव कौन हैं? आइए बताते हैं।कौन हैं डॉ. रणदीप गुलेरिया?डॉ. रणदीप गुलेरिया देश के जाने-माने डॉक्टर हैं। वो मुख्य रूप से पल्मोनोलॉजी (फेफड़े संबंधी बीमारियों) के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं। कोरोना महामारी के दौरान डॉ. गुलेरिया काफी चर्चा में आए। वो एम्स दिल्ली के डायरेक्टर रह चुके हैं। डॉ. गुलेरिया को 2015 में भारत सरकार द्वारा पद्म श्री, भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया था। वे अपने शांत व्यवहार और बीमारियों और चिकित्सा विशेषज्ञता की गहरी समझ के लिए जाने जाते हैं। डॉ. गुलेरिया ने COVID-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार की रेस्पांस टीम का नेतृत्व किया था और देश में COVID-19 से जुड़े इलाज के बारे में जागरूकता पैदा करने में भी प्रमुख भूमिका निभाई। उन्होंने AIIMS में 30 से ज्यादा वर्षों तक सेवाएं दीं और अप्रैल 2024 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।WHO के सलाहकार समूह के हैं सदस्यडॉ. गुलेरिया का जन्म 5 अप्रैल 1959 को हिमाचल प्रदेश में हुआ था। वे पद्म श्री जगदेव सिंह गुलेरिया के बेटे हैं और पद्म श्री संदीप गुलेरिया के बड़े भाई हैं। उन्होंने अपनी मेडिकल पढ़ाई इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज, शिमला से की और बाद में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ से एमडी और डीएम की डिग्री प्राप्त की। वे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के वैज्ञानिक सलाहकार समूह के सदस्य भी हैं। डॉ. गुलेरिया 1998 से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तिगत चिकित्सक भी रहे।डॉ. गुलेरिया ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं और उन्हें राज नंदा पल्मोनरी डिजीज फेलोशिप और रॉयल कॉलेज ऑफ फिजिशियंस, यूके से सम्मानित किया गया है। वे नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज (NAMS) के चुने हुए फेलो भी हैं। उन्होंने भारतीय चेस्ट डिजीजेज, लंग इंडिया, JAMA: द जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन और चेस्ट इंडिया जैसी कई मेडिकल जर्नल्स के संपादकीय बोर्ड पर भी काम किया है। उन्हें डॉ. बी सी रॉय नेशनल अवार्ड्स भी प्राप्त हुआ है। डॉ. गुलेरिया की उपलब्धियां और योगदान भारतीय चिकित्सा जगत में उन्हें एक विशिष्ट स्थान प्रदान करते हैं। उनका जीवन और कार्य अनेक युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।कौन हैं प्रोफेसर बी.जे राव?प्रोफेसर बी.जे राव देश के जाने-माने शिक्षाविद हैं और वे हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति हैं। उन्होंने अपने विशेषज्ञता और ज्ञान के बल पर शिक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योगदान दिए हैं। उन्हें शिक्षा मंत्रालय ने पेपर लीक मामले में गठित हाई लेवल कमिटी का सदस्य बनाया है। उनका पूरा नाम बासुथकर जगदीश्वर राव है। इससे पहले, वह IISER तिरुपति में जैविक विज्ञान विभाग में वरिष्ठ प्रोफेसर थे और उससे पहले उन्होंने TIFR, मुंबई में काम किया था। राव ने अपना बीएससी निजाम कॉलेज से और एमएससी उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद से प्राप्त किया।इसके बाद उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर से जैव रसायन विज्ञान के क्षेत्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने येल मेडिकल स्कूल में लगभग सात साल तक शोध वैज्ञानिक के रूप में कार्य करते हुए अपना पोस्ट-डॉक्टरेट कार्य किया। इसके बाद वे भारत लौट आए और TIFR में प्रोफेसर और अध्यक्ष तरहे। इसके बाद, 2018 में वे IISER तिरुपति में प्रोफेसर बने। इसके बाद, 2021 में वे हैदराबाद विश्वविद्यालय में कुलपति बने।