पीएम मोदी ने खुद को बताया सबसे बड़ा OBC तो राहुल गांधी ने किया पटलवार, जानिए क्या कहा

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। पीएम मोदी ने कांग्रेस के जातिगण वाले बयान पर खुद को सबसे बड़ा ओबीसी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इतना बड़ा OBC नहीं दिखता है क्या? पीएम मोदी के इस बयान पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पीएम मोदी को मानसिकता बदलने की सलाह दी है।मोदी जी गिनती से क्यों डरते हैं?राहुल गांधी ने कहा कि ट्विटर पर लिखा कि प्रधानमंत्री इस बीच अक्सर कह रहे थे देश में सिर्फ दो जातियां हैं – अमीर और गरीब, मगर आज संसद में उन्होंने खुद को ‘सबसे बड़ा ओबीसी’ बताया। किसी को छोटा और किसी को बड़ा समझने की इस मानसिकता को बदलना जरूरी है। ओबीसी हों, दलित हों या आदिवासी, बिना गिनती के उन्हें आर्थिक और सामाजिक न्याय नहीं दिलाया जा सकता। मोदी जी इधर-उधर की इतनी बातें करते हैं, तो गिनती से क्यों डरते हैं? पीएम मोदी ने क्या कहा था ?आज लोकसभा में पीएम मोदी ने मुस्कुराते हुए ओबीसी का भी जिक्र किया। उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि कांग्रेस से अति पिछड़ा व्यक्ति बर्दाश्त नहीं हुआ था। मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने कर्पूरी ठाकुर की सरकार को परेशान करने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी थी। पीएम ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी आज भी ओबीसी के प्रति भेदभाव रखती है। उन्होंने खुद की तरफ इशारा करते हुए कहा कि कांग्रेस को इतना बड़ा ओबीसी नेता नजर नहीं आता।कांग्रेस कर रही परिवारवाद की राजनीतिप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस पर ‘परिवारवाद की राजनीति’ करने का आरोप दोहराते हुए सोमवार को कहा कि एक परिवार की कई पीढ़ियों के सदस्य यदि योग्यता से राजनीति में आते हैं तो वह उसे परिवारवाद नहीं मानते बल्कि एक ही परिवार द्वारा पार्टी चलाने को गलत मानते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस को एक परिवार के आगे कुछ नहीं दिखाई देता और इससे उसने खुद का, विपक्ष का, देश का और संसद का बड़ा नुकसान कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि देश को अच्छे, स्वस्थ विपक्ष की बहुत जरूरत है, लेकिन कांग्रेस ने दस साल के बाद भी स्वस्थ विपक्ष बनने का प्रयास नहीं किया।