जब एमएस धोनी ने तोड़ दी थी बोलर की उंगलियां, कभी एक दिन में 10 लीटर दूध पीते थे!

नई दिल्ली: हाल ही में धोनी का बाहुबली अवतार देखने को मिला था, जब वह आईपीएल प्रैक्टिस सेशन के दौरान येलो स्लीवलेस जर्सी में पहने थे और बलिष्ठ भुजाएं उनकी ताकत बताने को काफी थीं। मोटे-मोटे बाइसेप्स बता रहे थे कि इस उम्र में भी धोनी की फिटनेस का क्या स्तर है। मसल पावर से लंबे-लंबे छक्के लगाने में माहिर धोनी से जुड़ी एक नई कहानी पता लगी है। यह खुलासा किया है पूर्व भारतीय बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा ने।बात 2003 की हैउथप्पा चेन्नईसुपरकिंग्स में धोनी के टीममेट भी हैं। दाएं हाथ के इस बैटर ने 2003 में धोनी से मिलने की कहानी साझा की। उन्होंने कहा, ‘पहली बार मैंने एमएस को 2003 में एनसीए बैंगलोर में एक भारतीय शिविर में देखा था। वह मुनाफ पटेल के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे जब वह स्लिंग एक्शन के साथ तेज गेंदबाजी करते थे। अन्य तेज गेंदबाज भी गेंदबाजी कर रहे थे। एमएस बल्लेबाजी कर रहे थे और उन पर लंबे-लंबे छक्के लगा रहे थे। उन्होंने एस श्रीराम को घायल कर दिया। श्रीराम की उंगुली टूट गईदरअसल, स्पिनर श्रीराम उन्हें गेंदबाजी कर रहे थे और धोनी ने क्रीज के बाहर निकलकर गेंद को जोर से मारा। श्रीराम ने हाथ से छुआ और गेंद 10-20 गज पीछे चली गई। हमें लगा कि श्रीराम गेंद के पीछे दौड़ रहे हैं, लेकिन वह गेंद के पीछे भागा और सीधे ड्रेसिंग रूम में चला गया क्योंकि उसकी दो उंगलियां टूट गई थीं। उस वक्त मुझे पता था कि वह भारत के लिए खेलेगा। वह एक विशेष बल्लेबाज है।’दूध से मिलती है ताकतदूसरे खिलाड़ियों की तरह धोनी को जिम में पसीना बहाना पसंद नहीं है। वह दूसरी फिजिकल एक्टिविटी से खुद को फिट रखते हैं। बैडमिंटन, फुटबॉल खेलते हैं। टेनिस खेलते हैं। पाकिस्तान के खिलाफ 2005 में विशाखापत्तनम में उन्होंने 148 रन की शानदार पारी के बाद अपनी ताकत का राज दूध को बताया था। तब उन्होंने रोजाना 10 लीटर दूध पीने की बात कहकर चौंका दिया था। वैसे दही और दूध आज भी उनकी डाइट का एक अहम हिस्सा है। दूध पीने से कैल्शियम मिलता है, जिससे हड्डियां इंजरी से बची रहती है। हालिया रिपोर्ट से पता लगा है कि माही रोजाना एक लीटर दूध पीते हैं।