‘बाकी जो बचा वह महंगाई मार गई…’, खाद्य वस्तुओं की कीमतें 1 साल में 65% बढ़ने पर जयराम रमेश ने मोदी सरकार को घेरा

देश में एक साल के भीतर प्याज और आलू समेत खाद्य वस्तुओं की कीमतें 65 फीसदी बढ़ने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने केंद्र की मोदी सरकार को घेरा है। महंगाई पर एक अखबार की सुर्खी को अपने एक्स हैंडल पर शेयर करते हुए जयराम रमेश ने लिखा, “बाकी जो बचा वह महंगाई मार गई…आलू, प्याज़, टमाटर, सब्जियां, दाल हर घर की रसोई की जरूरत हैं, जिनमें महंगाई लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। पर एक तिहाई प्रधानमंत्री जी बिलकुल बेपरवाह और बेफिक्र हैं। वो महंगाई का ‘म’ भी नहीं बोलते।”कांग्रेस नेता ने आगे कहा, बढ़ती बेरोजगारी के बीच तेज महंगाई से जनता पर दोहरी मार दी जा रही है। कब तक जनता महंगाई की मार सहेगी? जोवाब दें ‘महंगाई मौन’ मोदी जी।बाकी जो बचा वह महंगाई मार गई…आलू, प्याज़, टमाटर, सब्ज़ियाँ, दाल हर घर की रसोई की जरूरत हैं, जिनमें महंगाई लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। पर एक तिहाई प्रधानमंत्री जी बिलकुल बेपरवाह और बेफ़िक्र हैं। वो महंगाई का ‘म’ भी नहीं बोलते। बढ़ती बेरोजगारी के बीच तेज महंगाई से जनता पर… pic.twitter.com/JxTh2Sp5JE— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) June 22, 2024

ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में जरूरी वस्तुओं की कीमत में 65 फीसदी का इजाफा हुआ है। सब्जियों की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं यह रसोई घरों से गायब होने लगी हैं। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, प्याज, आलू और टमाटर की कीमतें सबसे ज्यादा बढ़ी हैं। इनके अलावा, चावल, दाल और खाने-पीने की अन्य वस्तुएं भी काफी महंगी हुई हैं।खाद्य वस्तुओं की कीमतें पिछले 1 साल में कितनी बढ़ीं?पिछले साल 21 जून को चावल की कीमत 40 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 45 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। मूंग दाल की कीमत 109 रुपये से 10 प्रतिशत बढ़कर 119 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। मसूर दाल 92 रुपये से बढ़कर 94 रुपये और चीनी का भाव 43 रुपये से बढ़कर 45 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। दूध भी 58 रुपये से बढ़कर 59 रुपये प्रति लीटर हो गया है। फूलगोभी खुदरा बाजार में 80 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिक रहा है। परवल भी खुदरा बाजार में 60 रुपये प्रति किलोग्राम है। लौकी 60 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव बिक रही है।