शशि थरूर ने ऋषि सुनक के पीएम बनने को बताया कई स्तरों पर असाधारण निर्णय

नई दिल्ली : ब्रिटेन में भारतवंशी ऋषि सुनक ने प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रच दिया है। अमेरिका समेत यूरोपीय देशों से लगातार सुनक को पीएम बनने की बधाई मिल रही है। सुनक के पीएम बनने के बाद भारत में भी काफी खुशी मनाई जा रही है। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ऋषि सुनक के पीएम बनने को लेकर कई बातें कही हैं। थरूर का कहना है कि ब्रिटेन के प्रधान मंत्री के रूप में ऋषि सनक की नियुक्ति एक ‘आश्चर्यजनक’ घटना है। थरूर ने कहा कि यह दर्शाता है कि ब्रिटेन ने अपने ‘नस्लवाद’ को पीछे छोड़ दिया है। थरूर ने निर्णय को कई स्तरों पर असाधारण बताया।

85 प्रतिशत गोरों के देश में अश्वेत पीएमथरूर ने कहा कि सबसे पहले क्योंकि वह (सुनक) अंग्रेजी, स्कॉटिश या एंग्लो-सैक्सन मूल का नहीं है। वह पूरी तरह से अलग जाति से संबंध रखते हैं। कांग्रेस नेता का कहना है कि अश्वेत रंग का व्यक्ति का उस देश का प्रधान मंत्री बनना जहां लगभग 85 प्रतिशत लोग गोरे हैं, वास्तव में उल्लेखनीय है। उन्होंने कहा कि दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनका धर्म भी अलग है। ब्रिटेन में, एक स्थापित चर्च है। ईसाई धर्म राज्य का आधिकारिक धर्म है। ऐसे में ऋषि सुनक हिंदू धर्म का पालन करते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने भगवद गीता पर हाथ रखकर 2015 में चांसलर के रूप में शपथ ली थी।

7 साल में चांसलर से पीएमकांग्रेस नेता ने कहा कि तीसरी बात यह है कि वह 2015 में ही चांसलर बने थे। ऐसे में पांच साल के भीतर वे वित्त मंत्री बने। इतना ही नहीं सात साल के भीतर वे ब्रिटेन के प्रधान मंत्री भी बन गए। यह आश्चर्यजनक रूप से आगे बढ़ना है। तिरुवनंतपुरम के कांग्रेस सांसद ने कहा कि अंग्रेजों के ‘नस्लीय भेदभाव’ की अपनी भावना को को पीछे छोड़ने के लिए प्रशंसा की। थरूर ने कहा आप देख सकते हैं कि ब्रिटेन ने अपने जातिवाद को पछाड़ दिया है। ब्रिटेन में अन्य धार्मिक विश्वासों के लोगों को आत्मसात करने और स्वीकार करने की जबरदस्त इच्छा दिखाई है। उन्होंने कहा कि सुनक के पास अर्थव्यवस्था के प्रबंधन का अच्छा अनुभव है। ह इसके लिए सही व्यक्ति थे।

भारत को किसी रियायत की उम्मीद नहींपूर्व विदेश राज्य मंत्री थरूर ने कहा कि इसमें भारत के लिए कई सबक है। थरूर ने कहा कि हमारे देश को अन्य बातों की तुलना में योग्यता को भी पहचानना चाहिए। हमें जाति और धर्म जैसे कुछ विचारों से परे भी देखना चाहिए और यह पहचानना चाहिए कि क्या एक देश की जरूरत योग्यता है। हालांकि, थरूर ने कहा कि भारत के साथ संबंधों के संबंध में उनसे किसी भी रियायत की उम्मीद करना किसी के लिए गलत होगा। थरूर ने कहा कि ऋषि सुनक एक ब्रिटिश हैं। उनका काम ब्रिटेन के राष्ट्रीय हितों को आगे रखना होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि सिर्फ भारतीय संबंधों के कारण उनसे इसके अलावा कुछ भी उम्मीद करना हमारे लिए गलत होगा।’