‘भारत जोड़ो यात्रा’ का स्‍ट्राइक रेट क्‍या है? राहुल के सड़क पर संघर्ष से कांग्रेस को हुआ कितना फायदा?

नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव से पहले फिर से एक्शन मोड पर आ गई है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद अब कांग्रेस ” के जरिए जनता के बीच जाने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि राहुल गांधी इस यात्रा के जरिए जनता के मुद्दों पर फोकस करेंगे। हालांकि इस बार यात्रा थोड़ी खास है, क्योंकि इस बार I.N.D.I.A गठबंधन में शामिल दलों के वरिष्ठ नेता भी यात्रा में शामिल हो सकते हैं। राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 22 जनवरी को अयोध्या में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले शुरू होने जा रही है। जहां एक तरफ बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को लेकर लोकसभा चुनाव में जनता को रिझाने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दूसरे एडिशन ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के जरिए देश की जनता से सीधे रूबरू होने की योजना पर काम कर रही हैं। लेकिन यहां समझना बेहद जरूरी है कि कांग्रेस को अब तक राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से कितना चुनावी फायदा हुआ है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई वाली ‘भारत जोड़ो यात्रा’ ने पार्टी कार्यकर्ताओं और संगठन में नई उर्जा का संचार किया, हालांकि इसका चुनावी असर अब तक मिला-जुला ही रहा है। यात्रा के बाद हुए कर्नाटक और तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कामयाबी मिली तो वहीं मध्य प्रदेश और राजस्थान में हार का सामना करना पड़ा। यह यात्रा इन चारों राज्यों से होकर गुजरी थी। कांग्रेस छत्तीसगढ़ भी हार गई, लेकिन यात्रा इस राज्य से होकर नहीं गुजरी थी। कर्नाटक में कांग्रेस को मिली बड़ी जीतकांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी की सफलता का एक बड़ा श्रेय ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को दिया था। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जिन 20 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरी थी, उनमें से 15 में कांग्रेस को जीत हासिल हुई। हालांकि यात्रा कई दिनों तक मध्य प्रदेश और राजस्थान में रही थी, लेकिन इसका चुनावी असर ज्यादा नहीं हुई। पूर्व कांग्रेस नेता और राजनीतिक टिप्पणीकार संजय झा ने कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कांग्रेस और राहुल गांधी दोनों के लिए ‘परिवर्तनकारी’ रही है। उन्होंने कहना है, ‘इस यात्रा ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को प्रेरित करने में मदद की।यात्रा से राहुल की बनी अलग इमेजराजनीति जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का भले ही कांग्रेस को हिंदी बेल्ट के चुनावों में फायदा ना मिला हो, लेकिन इस यात्रा से देश के आगे राहुल गांधी की एक अलग छवि पेश हुई। किसी छोटी बच्ची को गोद में लेकर चलने की बात हो या किसी बूढ़ी महिला को गले लगाने या यात्रा के दौरान बीच सड़क पर अपनी मां के जूते का लैस बांधने का दृश्य हो, हर मौके पर राहुल ने जनमानस में अपनी अलग इमेज बनाई। यात्रा के दौरान कई लोगों ने राहुल गांधी से दले लगकर अपना दुख दर्द भी बांटा। यात्रा के दौरान राहुल की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल रहती थीं। 14 जनवरी से शुरू होगी राहुल की दूसरी यात्रादिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ का लोगो लॉन्च किया। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में हम 14 जनवरी से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू कर रहे हैं। यात्रा से जुड़ने के लिए इंडिया गठबंधन के नेताओं, कांग्रेस के मित्र दलों और सिविल सोसाइटी को भी आमंत्रित किया गया है। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ पर राहुल गांधी का कहना है, ‘हम फिर आ रहे हैं अपनों के बीच, अन्याय और अहंकार के विरुद्ध ‘न्याय की ललकार’ लेकर। सत्य के इस पथ पर मेरी शपथ है, यात्रा जारी रहेगी, न्याय का हक़, मिलने तक।’ मणिपुर से मुंबई तक, ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि 14 जनवरी से मणिपुर से मुंबई तक ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू की जा रही है। इस दौरान ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के माध्यम से हम जनता से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’, देशवासियों को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय दिलाने की ओर हमारा एक मजबूत कदम है। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ देश के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और बुनियादी मुद्दों को लेकर निकाली जा रही है।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब हमने संसद में देश से जुड़े मुद्दे उठाने की कोशिश की तो सरकार ने हमें बोलने नहीं दिया। देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब 146 सांसदों को निलंबित कर दिया गया। इसलिए, हम ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ से लोगों के बीच जा रहे हैं ताकि हम अपनी बात उनसे कह सकें और समाज के हर वर्ग से मिलकर उनकी बात सुन सकें। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस बार न्याय होकर रहेगा, हर कमज़ोर को हक़ मिल के रहेगा। बराबरी का हक, रोज़गार का हक, सम्मान का हक। उन्होंने कहा कि हम महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे, मजदूरों की बुरी हालत, अमीर-गरीब के बीच में बढ़ती खाई और जातिगत जनगणना से जुड़े मुद्दों पर जन जागरण करेंगे।