शिकार के समय चीते की रफ्तार क्या होती है, 17 सेकंड का वीडियो बहुत कुछ बताता है

नई दिल्ली: जब से चीते विदेश से भारत की सरजमीं पर आए हैं, उनकी काफी चर्चा हो रही है। उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर आती रहती हैं। चीते की बात हो तो उनकी रफ्तार का भी जिक्र हो ही जाता है। लेकिन असल में क्या आपने चीते की फुर्ती देखी है? सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का वीडियो आपको देखना चाहिए। नीले आसमान में छाए बादलों के नीच जंगल में कच्ची सड़क पर हलचल दिखाई देगी। तीसरे सेकंड में ही कैमरा फोकस करता है और पूरा माजरा समझ में आ जाता है। खास बात यह है कि सिर्फ तीन सेकंड में चीता 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ लेता है। शिकार की तरफ दौड़ा चीताजी हां, चीता अपनी फुल रफ्तार से शिकार की तरफ दौड़ता दिखाई देता है। आगे जान बचाकर भाग रहा छोटा सा जानवर भी पूरी ताकत लगा देता है। लेकिन यहां चीते की रणनीति समझिए। वह आगे के दोनों पैरों की मदद से लंबी छलांग लगाते हुए इतनी तेजी से दौड़ता है जिससे शिकार के आगे जाकर खड़ा हो जाए। होता भी वैसा ही है। वीडियो को धीरे-धीरे करके देखिए। 8 सेंकेड तक शिकार की पोजीशन ठीक रहती है लेकिन अगले ही पल वह चीते के पीछे हो जाता है। आप जानते भी होंगे कि चीते की रफ्तार 80 से 130 किमी प्रति घंटे हो सकती है। चीता अपनी रफ्तार पर ब्रेक लगाता है तो धूल उड़ने लगती है। अब तक उस जगह पर वह छोटा सा जानवर पहुंचा भी नहीं रहता है। उसे क्या पता था कि जिस रास्ते पर वह भाग रहा है, आगे शिकारी उसकी ताक में है और चीता झट से उसे दबोच लेता है। यहां एक चीज और गौर करने वाली है। चीता फिसल रहा था लेकिन उसकी नजरें लगातार शिकार पर थीं। 11वें सेकंड में खरगोश के आकार के दिखने वाले जानवर का खेल खत्म हो चुका था। हालांकि यह पता नहीं है कि वीडियो कब का है और इसे कहां शूट किया गया। लाखों लोग इसे ट्विटर पर देख चुके हैं। चीते की क्षमता देखकर लोगों को आश्चर्य हो रहा है। आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में अफ्रीकी देशों से विशेष विमान में कई चीते लाए गए हैं। इन्हें कुनो नेशनल पार्क, एमपी में छोड़ा गया है।