मंदिर वहीं बनाएंगे… तीन दशक पहले राम मंदिर निर्माण के इस नारे से क्या है पीएम मोदी का कनेक्शन

अहमदाबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भाग लेंगे। यह समारोह दोपहर 12.30 बजे शुरू होगा। इसके लिए अयोध्या में तमाम तैयारियां पूरी की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे हैं। जब वे बीजेपी के सामान्य कार्यकर्ता थे, तब भी वह मंदिर आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों में उपस्थिति रहते थे। बाद में जब उनके पास बीजेपी संगठन में जवाबदेही आई तो उन्होंने बड़ी जिम्मेदारियों को संभाला। मंदिर आंदोलन के सूत्र वाक्य बने ‘…’ का शुरुआती स्लोगन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन दशक पहले लिखा था। यह स्लोगन राम मंदिर निर्माण के लिए चलाए गए जनजागरण अभियान में इस्तेमाल किया गया था। PM मोदी ने लिखी थीं ये लाइनें राम मंदिर आंदोलन के लिए गुजरात में शुरू हुए जन जागरण अभियान में पीएम मोदी ने तब बीजेपी के महासचिव की हैसियत से मंदिर वहीं था, वहीं है, और वहीं बनेगा…लाइनें लिखी थीं। जनजागरण में इस्तेमाल की गई यहीं लाइनें आगे चलकर मंदिर वहीं बनाएंगे…स्लोगन बनीं। यह कह सकते हैं। इन्हीं लाइनों से राम मंदिर आंदोलन का प्रमुख स्लोगन बना। गुजरात की बात करें तो मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने अयोध्या में मंदिर निर्माण को लेकर तीन दशक पहले बड़ा जन जागरण अभियान चलाया था। हस्ताक्षर अभियान भी चलाया था साधना पत्रिका 1993 में प्रकाशित एक अर्टिकल में इसका उल्लेख है कि कैसे तब बीजेपी के जनरल सेक्रेटरी रहे नरेंद्र मोदी ने जनवरी महीने में जनजागरण के लिए मोहल्ला बैठक, प्रभात फेरी और सम्मेलन आयोजित किए थे? इसके जरिए उन्होंने समाज में तमाम वर्गों के बीच इस अभियान को पहुंचाया गया था। इसके बाद ही एक हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया था। तब प्रत्येक जिले से 10 हजार हस्ताक्षर का लक्ष्य रखा गया था। तब गुजरात से करीब 50 लाख हस्ताक्षर हुए थे। नरेंद्र मोदी का स्पष्ट थी मांग इन सभी को हस्ताक्षर को देश के राष्ट्रपति को भेजा गया था। इनमें मांग की गई थी श्री राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर का निर्माण हाेना चाहिए। तब नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर आंदोलन को सरकार के खिलाफ हिंदू अस्मिता का संघर्ष करार दिया था। उन्होंने कहा था कि इसमें हिंदु गौरव को विजयी बनवाने के लिए यह एक जन आंदोलन है। नरेंद्र मोदी ने कहा था कि इस जन जागरण अभियान का सूत्र होगा कि मंदिर वहीं था, वहीं है और वहीं बनेगा। तब उन्होंने कहा था कि राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन में हम मांग करेंगे कि मंदिर जन्म स्थान के ऊपर ही बनना चाहिए और मस्जिद परंपरागत तरीके से पंचकोसी परिक्रमा के बाहर रहनी चाहिए। आगे चलकर पीएम मोदी के जन जागरण अभियान के लिए दी गई लाइनों से मिलता-जुलता स्लोगन पूरे राम मंदिर आंदाेलन का प्रतीक बन गया। इसमें कहा गया कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे।