केजरीवाल के आवास पर क्या हुआ नियमों का उल्लंघन? रिपोर्ट जमा नहीं करने पर NGT ने लगाया जुर्माना

नई दिल्ली: नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर हरित मानदंडों के कथित उल्लंघन के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति का पता लगाने के लिए पहले गठित एक समिति द्वारा उचित रिपोर्ट प्रस्तुत न करने के लिए दिल्ली वन विभाग पर 15,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। एनजीटी ने दिल्ली सरकार और उसके लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को न्यायाधिकरण के पहले के निर्देशों के अनुसार अपनी रिपोर्ट जमा नहीं करने के लिए 10-10 हजार रुपये का जुर्माना अदा करने का भी निर्देश दिया। एनजीटी ने उन्हें रिपोर्ट जमा करने के लिये दो और हफ्ते का वक्त दिया है। एनजीटी एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें 6, फ्लैग स्टाफ रोड (मुख्यमंत्री का निवास) और 45-47, राजपुर रोड (आस-पास की संपत्ति) पर संरचनाओं के विकास के लिए स्थायी और अर्ध-स्थायी निर्माण और 20 से अधिक पेड़ों की कटाई का आरोप लगाया गया था।पिछले साल मई में न्यायाधिकरण ने तथ्यात्मक स्थिति जानने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया था। समिति में दिल्ली के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव (पर्यावरण और वन), दिल्ली शहरी कला आयोग (डीयूएसी) के एक नामित व्यक्ति और उत्तरी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट शामिल थे।एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने कहा कि जुलाई और अक्टूबर 2023 में बार-बार दिए गए निर्देशों के बावजूद समिति अपनी रिपोर्ट पेश करने में विफल रही और न्यायाधिकरण ने पिछले साल नवंबर में उसे चार सप्ताह का समय दिया। विस्तारित अवधि के दौरान भी रिपोर्ट जमा करने में विफल रहने पर एनजीटी ने मुख्य सचिव को पेश होने का निर्देश दिया था।