महात्मा गांधी के बारे में क्या सोचते हैं PM मोदी, निजी डायरी के पन्नों ने खोला राज!

नई दिल्ली: आज यानी 30 जनवरी को है। आज के ही दिन 1948 को दिल्ली के बिडला हाउस में नाथूराम गोडसे ने उनकी हत्या की थी। गोडसे ने गांधी को अपनी पिस्तौल से तीन गोली मारी थीं। हर साल 30 जनवरी को गांधी की पुण्यतिथि पर तमाम नेता और देशवासी बापू को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धांजलि देते हैं। प्रगानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गांधी की समाधि राजघाट पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी कई बार के जीवन से प्रेरित होने की बात करते हैं। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत भी 2014 में गांधी जयंती पर की थी। पीएम मोदी व्यक्तिगत तौर पर भी गांधी के जीवन से प्रभावित रहे हैं, इसका जिक्र उनकी डायरी में है। सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की डायरी की कुछ तस्वीरें वायरल हैं, जिनमें उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख किया है।पीएम मोदी ने दी महात्मा गांधी को श्रद्धांजलिपीएम मोदी ने अपनी डायरी में अंग्रेजी में महात्मा गांधी के विचारों को लिखा है। ये विचार गांधी के अंहिसा के मंत्र से प्रेरित हैं। आज पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, मैं पूज्य बापू को उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मैं उन सभी को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जो हमारे देश के लिए शहीद हुए हैं। उनका बलिदान हमें लोगों की सेवा करने और हमारे राष्ट्र के लिए उनके दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए प्रेरित करता है।’पीएम मोदी की डायरी बापू के कौन से विचार?- मेरे पास कोई हथियार नहीं है. लेकिन मैं किसी पर भी अधिकार जमाना पसंद करता हूं।- अहिंसा का मेरा पथ है, जो एक अत्यंत सक्रिय शक्ति है। इसमें कायरता या कमजोरी के लिए कोई जगह नहीं है। एक हिंसक व्यक्ति के लिए एक दिन अहिंसक होने की आशा होती है, लेकिन कायर के लिए कोई आशा नहीं होती।- मैं सत्य के अलावा किसी के प्रति समर्पित नहीं हूं और मुझे सत्य के अलावा किसी के प्रति अनुशासन का दायित्व नहीं है।- दुनिया में मनुष्य की जरूरत के लिए पर्याप्तता है लेकिन मनुष्य के लालच के लिए नहीं।- मैं सबसे बड़ी संख्या की सबसे बड़ी भलाई के सिद्धांत में विश्वास नहीं करता। इसकी नग्नता में इसका मतलब यह है कि 51 प्रतिशत का कथित लाभ प्राप्त करने के लिए, 49 प्रतिशत के हित का बलिदान किया जा सकता है, या यूं कहें कि बलिदान किया जाना चाहिए। यह एक हृदयहीन सिद्धांत है और इसने मानवता को नुकसान पहुंचाया है।- खून बहे तो अपना होने दो। आइए हम बिना हत्या किए मरने का शांत साहस विकसित करें।