India-Myanmar के संबंध किस दिशा में जा रहे? पाकिस्तान चुनाव, कनाडा के आरोपों पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा

साप्तिहक प्रेस ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि हमने दो प्रेस रिलीज जारी की थी। एक विदेश मंत्री एस. जयशंकर के हिंद महासागर पर केंद्रित दो दिवसीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलियाई शहर पर्थ की यात्रा से संबंधित है। जहां जयशंकर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग और सिंगापुर के अपने समकक्ष विवियन बालाकृष्णन के साथ सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। दूसरा विदेश मंत्रालय के सचिव की जापान यात्रा के संबंध में है। इसे भी पढ़ें: कैसे खत्म होगा परिवारवाद? पाकिस्तान की राजनीति को वंशवाद करता रहा है प्रभावितभारत पाकिस्तान चुनाव पाकिस्तान में आम चुनाव के लिए सुबह आठ बजे मतदान प्रारंभ हुआ जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ सेना के समर्थन से चौथे कार्यकाल की उम्मीद कर रहे हैं। इससे संबंधित सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान में आज चुनाव हो रहे हैं। पाकिस्तान के चुनाव पर हम लोग कुछ टिप्पणी नहीं करना चाहते हैं। न ही और जो स्थिति बनी हुई है उस पर कुछ कहना चाहते हैं। किस तरह से भारत और म्यामांर के संबंध आगे बढ़ रहे हैं? म्यांमार में बॉर्डर पर एक गंभीर स्थिति बनी हुई है। म्यांमार के मुद्दे पर एफएमआर के मुद्दे पर हमारे गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी दी है। उसे आप लोग देखें। रखाइन स्टेट में भी स्थिति चिंताजनक है। जहां तक सुरक्षा की बात है हम लोगों ने कल एक एडवाइजरी निकाला था। अपने नागरिकों को हम कह रहे हैं कि आप वहां से निकल जाए। हमारे नागरिक जो वहां जाना चाहते हैं उनसे हमारी ये गुजारिश है कि आपलोग वहां न जाए क्यों कि वहां कि स्थिति नाजुक है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र ने देश की आंतरिक सुरक्षा और पूर्वोत्तर राज्यों की जनसांख्यिकीय संरचना को बनाए रखने के लिए भारत-म्यांमा मुक्त आवागमन व्यवस्था (एफएमआर) को खत्म करने का फैसला किया है। शाह ने कहा, चूंकि विदेश मंत्रालय फिलहाल इसे खत्म करने की प्रक्रिया में है, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने एफएमआर को तत्काल निलंबित करने की सिफारिश की है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने इस कदम के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री शाह को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कदम आंतरिक सुरक्षा के लिये अहम है। एफएमआर भारत-म्यांमा सीमा के करीब रहने वाले लोगों को बिना किसी दस्तावेज के एक-दूसरे के क्षेत्र में 16 किमी तक जाने की अनुमति देता है। इसे भी पढ़ें: Pakistan Election 2024: पाकिस्तान में ‘मोदी गारंटी’ के सहारे वोट पाने की उम्मीद में नवाज-बिलावल-इमरान, कॉपी-पेस्ट हैं सारे चुनावी वादेंचीन भारत संबंधचीन और भारत के बीच ट्रेड डील 120 बिलियन डॉलर से ज्यााद की हो गई है। ये आंकड़ा 2022 से काफी ज्यादा है। भारत और चीन संबंधों को लेकर हमने हमेशा से कहा है कि हम सीमा पर शांति से मुद्दे सुलझाने के पक्षधर है। मिलिट्री टू मिलिट्री लेवल से लेकर डिप्लोमेटिक लेवल पर भी प्रयास जारी है। कनाडा चुनाव में हस्तक्षेपकनाडा के चुनाव में भारत के हस्तक्षेप की बात को सिरे से खारिज करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि दूसरे देशों के मामलों में इंटरफेयर करना भारत की पॉलिसी नहीं है। इससे उलट कनाडा ही है जो हमारे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश करता रहता है। हमने ये मामला लगातार कनाडा के सामने उठाया है।