West Bengal: अवैध कारखाने में विस्फोट पर ममता ने माफी मांगी, बोलीं- खुफिया तंत्र ने काम किया होता तो इसे रोका जा सकता था

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पूर्व मेदिनीपुर जिले के खड़ीकुल गांव पहुंचीं। यह वहीं जगह हैं जहां 11 दिन पहले पटाखा फैक्टरी में विस्फोट होने से 12 लोगों की मौत हो गयी थी। इसको लेकर बंगाल में राजनीतिक बवाल भी जारी है। हालांकि, ममता ने कारखाने में विस्फोट को लेकर माफी मांगी है। ममता ने कहा कि मैं पटाखों के अवैध कारखाने में विस्फोट के लिए माफी मांगना चाहती हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर खुफिया तंत्र ने काम किया होता तो विस्फोट रोका जा सकता था। बनर्जी ने विस्फोट में मारे गए लोगों के परिवारों से मुलाकात भी की हैं।  इसे भी पढ़ें: Pawar से Power मिलते ही जोश में आये Delhi CM Arvind Kejriwal, BJP की ईंट से ईंट बजा देने का संकल्प लियाममता बनर्जी ने कहा कि एगरा में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट में मृतकों के परिजनों को 2.5 लाख रुपए की सहायता राशि और परिवार के एक सदस्य को होमगार्ड की नौकरी दी जाएगी। इसका नियुक्ति पत्र में साथ लेकर आई हूं। उन्होंने यह भी कहा कि बिजली गिरने से हुई मौत पर मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि एगरा घटना ने हमारी आंखें खोल दी हैं, मैं इस घटना के लिए माफी मांगना चाहती हूं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि अगले दो सप्ताह में मुख्य सचिव के नेतृत्व में एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके तहत ग्रीन पटाखा क्लस्टर बनाया जाएगा।  इसे भी पढ़ें: ‘हम उन लोगों को हराने के लिए एक साथ आए हैं, जो लोकतंत्र के खिलाफ हैं’, केजरीवाल से मुलाकात के बाद उद्धव बोले विस्फोट में कथित संलिप्तता के लिए अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी की तीन दिन बाद ओडिशा के कटक के एक अस्पताल में मौत हो गई थी। वह घटना के तुरंत बाद अपने परिवार के साथ कटक भाग गया था। पुलिस अधिकारी ने कहा कि विस्फोटकों और प्रतिबंधित पटाखों की बरामदगी के सिलसिले में पुलिस द्वारा कुल 132 मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक सोमवार को शुरू हुई यह छापेमारी सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात तक चली। छापेमारी मुख्य रूप से नादिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों में विभिन्न स्थानों पर जारी रही।