‘हम आपकी चाय नहीं पिएंगे, कहीं जहर दे दोगे तो?’ यूपी पुलिस के हेडक्वार्टर में बोले अखिलेश यादव

लखनऊ: समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का एक बयान इस समय खासी चर्चा में है। अखिलेश समाजवादी पार्टी मीडिया सेल टि्वटर हैंडल के संचालक मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी के विरोध में यूपी पुलिस हेडक्वार्टर पहुंचे थे। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें चाय ऑफर किया। अखिलेश यादव ने चाय पीने से इंकार कर दिया। अधिकारी उन्हें बैठकर चाय पीने की बात कहने तो अखिलेश ने ऐसी बात कही, जिससे वहां खड़े तमाम लोग चौंक गए। अखिलेश यादव ने कहा कि चाय में जहर मिली होगी तो? बाहर जाकर पी लेंगे। वहां से मंगा लेंगे। लेकिन, तुम लोगों की चाय नहीं पिएंगे। अखिलेश यादव का यह बयान जबर्दस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। वह इस कारण कि भले ही सरकारें बदलें, प्रशासन और पुलिस सिस्टम पुराना ही रहता है। चर्चा यह भी हो रही है कि क्या यूपी पुलिस पर अखिलेश यादव को भरोसा नहीं रहा? क्या यूपी पुलिस उन्हें जहर देकर मारना चाहेगी? सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारे तक इस प्रकार की चर्चा हो रही है।

क्या है पूरा मामला?

समाजवादी पार्टी मीडिया सेल टि्वटर हैंडल के संचालक मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई है। इसी को लेकर मामला गरमाया हुआ है। समाजवादी पार्टी मीडिया सेल टि्वटर हैंडल की ओर से पिछले दिनों कई ट्वीट किए गए थे। मामला दर्ज हुआ तो हजरतगंज पुलिस ने रविवार की सुबह मनीष जगन अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। लखनऊ पुलिस के अनुसार, पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल से ट्विटर पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में हजरतगंज थाने में 3 केस दर्ज कराए गए हैं।

पुलिस ने इसी आधार पर मनीष जगन अग्रवाल को गिरफ्तार किया। मनीष जगन अग्रवाल की गिरफ्तारी पर समाजवादी पार्टी का गुस्सा फूट पड़ा। पार्टी की ओर से आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट किया गया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मनीष जगन अग्रवाल को लखनऊ पुलिस की ओर से गिरफ्तार किया जाना निंदनीय और शर्मनाक है। सपा कार्यकर्ता को अभिलंब रिहा किए जाने की मांग भी की गई।

मनीष जगन अग्रवाल उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रहने वाले हैं। वे जगन्नाथ प्रसाद अग्रवाल के परिवार के सदस्य होने का दावा करते हैं। जगन्नाथ प्रसाद अग्रवाल दो बार विधायक और तीन बार सांसद रहे थे। भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में जगन्नाथ अग्रवाल राज्यसभा सदस्य भी रहे थे।

कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर भड़के अखिलेश

कार्यकर्ता की गिरफ्तारी पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भड़क गए। वे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ यूपी पुलिस हेडक्वार्टर पहुंच गए। उन्होंने यूपी पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यकर्ता की रिहाई की मांग की। पुलिस की टीम अखिलेश यादव को लेकर हेडक्वार्टर के भीतर चली गई। पुलिस अधिकारियों ने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष के साथ बातचीत की। उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी गई।

इसी दौरान सपा अध्यक्ष को पुलिस अधिकारियों ने चाय ऑफर किया। इस पर अखिलेश यादव ने कहा कि हम यहां की चाय नहीं पिएंगे। हम अपनी चाय लाएंगे। कप आपका ले लेंगे। हम आपकी चाय नहीं पी सकते। जहर दे दोगे तो? हमें भरोसा नहीं है। हम बाहर से मंगा लेंगे।

मुख्यालय में अखिलेश, बाहर प्रदर्शन

पुलिस मुख्यालय के भीतर अखिलेश यादव अधिकारियों से बातचीत करते रहे। वहीं, बाहर में कार्यकर्ताओं की नारेबाजी जारी रही। यूपी पुलिस के खिलाफ सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगे। सपा कार्यकर्ता को अविलंब रिहा करने की मांग की गई। भारी ठंड के बीच कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़का दिखा। अखिलेश यादव ने भी सपा कार्यकर्ता की अविलंब रिहाई की मांग की। पुलिस हेडक्वार्टर में अधिकारियों से मुलकात के बाद अखिलेश यादव गोसाईगंज जेल की ओर रवाना हुए।

टीम के साथ पहुंचे जेल

पुलिस की ओर से मनीष जगन अग्रवाल के गोसाईगंज जेल भेजे जाने की सूचना दी गई। वे अपनी टीम के साथ जेल के लिए हुए रवाना हुए। दरअसल, मनीष जगन अग्रवाल पर ट्विटर हैंडल के जरिए अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है। इसके चलते ही उन पर हजरतगंज कोतवाली में कई मुकदमें दर्ज हैं। जिसमें चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक, मनीष के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत तीन मुकदमे पूर्व में दर्ज हुए थे। इसी मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।