यूपी की पूर्व मंत्री स्वाती सिंह के खिलाफ वॉरंट जारी, जानिए किस मामले में सख्त हुआ कोर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार की पूर्व मंत्री स्वाति सिंह के खिलाफ जमानती वॉरंट जारी किया गया है। योगी सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं पर की गई अभद्र टिप्पणी के मामले में गवाही के लिए उपस्थित नहीं होने पर यह आदेश जारी किया गया। मंत्री दयाशंकर सिंह की मां, बेटी और अन्य महिलाओं के प्रति अशोभनीय शब्द कहने और धमकी देने के मामले में गवाही के लिए स्वाती को अदालत में उपस्थित होना था। उनकी गैरमौजूदगी को लेकर एमपी/एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने पूर्व मंत्री स्वाती सिंह के खिलाफ 10 हजार रुपये का जमानती वॉरंट जारी किया है। कोर्ट ने उनकी गवाही के लिए आगामी 3 फरवरी की तिथि नियत की है।अदालत के समक्ष विशेष अभियोजक रमेश शुक्ला ने बताया कि इस मामले की रिपोर्ट दयाशंकर सिंह की मां तेतरा देवी ने 22 जुलाई 2016 को हजरतगंज थाने में दर्ज करवाई थी। इसमें कहा गया था कि 20 जुलाई को बसपा प्रमुख मायावती ने संसद में और उसके पश्चात 21 जुलाई को बसपा के राष्ट्रीय सचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राम अचल राजभर एवं मेवा लाल की अगुवाई में बसपा कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज स्थित अंबेडकर प्रतिमा पर दयाशंकर सिंह और उनके घर की महिलाओं के प्रति अशोभनीय नारेबाजी की थी। इस मामले में विवेचना के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी, राम अचल राजभर, मेवालाल गौतम, नौशाद अली एवं अतर सिंह के विरुद्ध 22 फरवरी 2021 को अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। आरोप पत्र पर संज्ञान लेकर आरोपितों के विरुद्ध आरोप तय किए गए थे। अदालत में गवाही के लिए स्वाती सिंह 18 सितंबर 2021 को हाजिर हुई थीं, लेकिन बचाव पक्ष के वकीलों की ओर से अर्जी देने पर जिरह नहीं हो सकी थी और अगली तारीख लग गई। इसके बाद यह मामला हाई कोर्ट में चला गया था। वहां से निर्णय होने के बाद फिर स्वाती सिंह की गवाही के लिए मामला चल रहा था। सुनवाई के समय अदालत को बताया गया कि स्वाती सिंह पर उनके पीआरओ के माध्यम से समन तामील है, लेकिन वह गवाही के लिए उपस्थित नहीं है। इसके बाद अदालत में उनकी उपस्थिति के लिए 10 हजार रुपये का जमानती वॉरंट जारी करते हुए 3 फरवरी के लिए तारीख नियत की है।