2 माह का इंतजार, फिर चीतों का करें दीदार; फरवरी में बाड़े से खुले में छोड़े जाने की तैयारी

नामीबिया से लाकर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़े गए आठो चीतों को अब खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. अभी इन चीतों को 500 हेक्टेयर के बड़े बाड़े में रखा गया है. जहां सभी पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं. अब इन चीतों को खुले जंगल में छोड़ने में कोई दिक्कत नहीं है. हालांकि इस संबंध में आखिरी फैसला चीता टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा. यह जानकारी कूनो नेशनल पार्क प्रबंधन ने दी. बताया कि अभी पर्यटकों को इन चीतों के दीदार के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा.
बताया जा रहा है कि जल्द होने वाली कमेटी की बैठक में इन चीतों को जनवरी लास्ट या फरवरी के शुरू में खुला छोड़ने के प्रस्ताव पर सहमति मिल जाएगी. इसके बाद इन सभी चीतों को 500 हेक्टेयर के बड़े बाड़े से आजाद कर दिया जाएगा. अधिकारियों ने इन चीतों की नियमित निगरानी रिपोर्ट के आधार पर बताया कि सभी चीते स्वस्थ हैं और खुद शिकार भी करने लगे हैं. ऐसे में अब पूरी उम्मीद है कि यह सभी चीते खुले जंगल में खुद के प्रयास से सर्वाइव कर पाएंगे. बल्कि ऐसा करने पर उनका विकास भी तेजी से हो सकेगा.
पर्यटकों को करना होगा दो महीने का इंतजार
कूनो पार्क प्रबंधन के मुताबिक चीतों के दीदार के लिए पर्यटकों को थोड़ा इंतजार करना होगा. यह इंतजार से डेढ़ से दो महीने का हो सकता है. फिलहाल वन मुख्यालय में पर्यटकों को देखने की अनुमति देने संबंध प्रस्ताव भेज दिया गया है. उम्मीद है कि वन मुख्यालय जनवरी के आखिरी दिनों में इसके लिए अनुमति दे सकती है. उधर, सरकार नए साल में कुछ और चीतों को भी यहां लाने की तैयारी में जुट गई है. यह चीते भी नामीबिया से आएंगे.
मोदी के जन्मदिन पर आए थे आठ चीते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन पर नामीबिया से आठ चीतों को लाकर कूनो अभ्यारण्य में छोड़ा गया था. इस अवसर पर खुद प्रधानमंत्री भी कूनो नेशनल पार्क पहुंचे थे. फिलहाल कूनो में पांच मादा और तीन नर चीते मौजूद हैं. शुरू में इन सभी चीतों को छोटे बाड़े में रखा गया था, लेकिन यहां की हवा और पानी के प्रति अनुकूल होने के बाद इन चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया. अब यह चीते इसके लिए भी अनुकूल हो चुके हैं. ऐसे में अब इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की तैयारी है.