एक गेंद में खत्म सचिन तेंदुलकर का फाइनल, इस बॉलर ने बुरी तरह बिखेरा स्टंप

भारतीय क्रिकेट टीम आने वाले टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंचेगी या नहीं, इसका पता तो अगले कुछ हफ्तों में चल जाएगा. फिलहाल एक भारतीय टीम जरूर फाइनल में पहुंची है और उससे खिताब की उम्मीद है. हालांकि, इस फाइनल में भारतीय टीम की जो शुरुआत हुई, उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. बात हो रही है रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज की, जिसके फाइनल में इंडिया लेजेंड्स के कप्तान सचिन तेंदुलकर अपना खाता भी नहीं खोल सके.

छत्तीसगढ़ के रायपुर में हो रहे रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के फाइनल में भारत और श्रीलंका के लेजेंड्स के बीच मुकाबला शनिवार 1 अक्टूबर की शाम को शुरू हुआ. सचिन तेंदुलकर की कप्तानी वाली इंडिया लेजेंड्स की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. तेंदुलकर और भारतीय टीम के फैंस को उम्मीद थी कि एक बेहतरी पारी मास्टर ब्लास्टर के बल्ले से देखने को मिलेगी लेकिन ऐसा हुआ नहीं.
सचिन के नाम गोल्डन डक
सचिन तेंदुलकर और नमन ओझा इस फाइनल में भी ओपनिंग के लिए उतरे. श्रीलंका की ओर से दाएं हाथ के तेज गेंदबाज नुवान कुलसेकरा ने गेंदबाजी की बागडोर संभाली. उनकी पहली पांच गेंदों का सामना नमन ओझा ने किया और छठी गेंद पर सचिन स्ट्राइक पर आए. सचिन और इंडिया लेजेंड्स के फैंस उम्मीदों को अगले ही कुछ सेकेंडों के अंदर जोरदार झटका लग गया.
कुलसेकरा की एक गेंद गुड लेंथ पर आई, जिस पर सचिन ने स्ट्रेट ड्राइव लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद आखिरी वक्त पर हल्की से अंदर के लिए आई और बल्ले को छकाते हुए ऑफ स्टंप को ले उड़ी.
रैना भी नहीं कर सके कमाल
ऑफ स्टंप को विकेट के पीछे लड़खड़ाता देख सचिन समेत हर कोई हैरान रह गया. सचिन के संन्यास के इतने साल बाद भी उनके आउट होते ही स्टेडियम में मातम सा माहौल हो गया. फैंस निराशा में डूब गए. फैंस को कुछ ही देर में एक और बड़ा झटका लगा, जब सुरेश रैना भी कुछ खास नहीं कर सके और 2 गेंदों में 4 रन बनाकर कुलसेकरा का ही शिकार बन गए.
सचिन हालांकि पिछले सीजन की तरह इस बार ज्यादा बड़ी पारियां नहीं खेल सके. सिर्फ इंग्लैंड लेजेंड्स के खिलाफ उन्होंने 20 गेंदों में 40 रन की धमाकेदार पारी खेली. इसके बावजूद सचिन का इस टूर्नामेंट में रिकॉर्ड शानदार है. भारतीय दिग्गज ने इस टूर्नामेंट के इतिहास में 13 पारियों में 318 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 140 का है.