नवोदय विद्यालय में रैगिंग का हंगामा, सीनियर्स ने लाईट बंद कर लाठी डंडों से जूनियर्स को पीटा

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय में रैगिंग का मामला सामने आया है. बीती देर रात नवीं व दसवीं कक्षा के छात्रों की सीनियर्स ने रैंगिंग की. रात्रि 12 बजे 12 वीं क्लास के छात्रों ने हॉस्टल में में लाईट बंद कर लाठी डंडों से जूनियर्स छात्रों के साथ जमकर मारपीट की. पिटाई में घायल छात्रों ने सुबह रैंगिंग की सूचना अपने अपने परिजनों को दी. परिजनों ने स्कूल पहुंच कर हंगामा किया. परिजनों ने प्राचार्य से रैंगिंग करने वाले छात्रों के विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की. वहीं इस पूरे मामले में अब स्कूल प्रबंधन पर्दा डालने की ना केवल कोशिश कर रहा है बल्कि इसे रैंगिंग का मामला न बताकर छात्रों का आपसी विवाद बता रहा है.
नवोदय विद्यालय की प्राचार्य का कहना है कि ये विवाद लाईट बंद करने को लेकर हुआ, जिसमें नवीं व 10वीं कक्षा के छात्रों के साथ 12 वीं क्लास के छात्रों ने मारपीट की है. मारपीट करने वाले 9 छात्रों को चिन्हित कर उनको स्कूल से रजिस्ट्रीकेट कर दिया गया है,वहीं पीड़ित छात्रों का कहना है कि इससे पूर्व भी इस प्रकार से ये सीनियर्स रैगिंग कर चुके हैंं, जिसकी शिकायत उनके द्वारा की गई थी. लेकिन प्रबंधन ने इनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की. बीती रात पुनः इन सीनियर्स ने रैगिंग के नाम पर उनके साथ लाठी डंडो से पिटाई की. उन्होंने अपने परिजनों को इस बात की सूचना दी. परिजनों के स्कूल पहुँचने और हंगामा करने के बाद मजबूरन स्कूल प्रशासन ने दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 9 छात्रों को स्कूल से निकाल दिया.
रैगिंग का शिकार हुए 100 छात्र
रैगिंग के पीड़ित छात्रों का कहना है कि हम लोग तो बस बैठेकर आपस में हंसी मजाक कर रहे थे. रात का समय था यही बात थी कि सीनियर छात्रों ने हम पर हमला बोल दिया. उन्होंने न कोई सवाल किया ना ही कोई जवाब लिया, बस बारी बारी से सबके साथ मारपीट की. करीब 100 से ज्यादा छात्र सीनियर छात्रों की रैगिंग का शिकार हुए. पीड़ित छात्रों का कहना है कि न्याय देने की जगह प्रिंसिपल मैडम उल्टा मामले को दबाने में लगी हैं.
मामला शांत करने को बच्चों पर बनाया जा रहा है दबाव
पीड़ित छात्रों के परिजनों का कहना है कि हमारे बच्चों के साथ रात को मारपीट की. बच्चे चिल्लाते रहे लेकिन कोई नहीं आया. बच्चे चिल्ला चिल्ला कर रहम की भीख मांगते रहे लेकिन शिक्षकों ने दरवाजे तक ना खोलें. परिजनों का आरोप है कि पूरा स्कूल प्रशासन जिम्मेदार है. परिजनाें का कहना है किजब हम उनसे बात करना चाहते हैं तो वह बात करने तक के लिए तैयार नहीं है, और उल्टा बच्चों पर दबाव बना रहे हैं कि किसी तरीके से उनकी लापरवाही छिप जाए. हम मांग करते हैं कि जल्द से जल्द प्रशासन दोषी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएं .
प्रशासन बोला, यह रैगिंग नहीं आपसी विवाद है
नवोदय विद्यालय की प्रिंसिपल उमाती राउत का कहना है, यह रात में बच्चों के आपसी विवाद का मामला है. कुछ बच्चों ने रात के समय लाइट को बंद कर दिया जिसको लेकर लड़ाई झगड़ा हुआ है. यह रैगिंग नहीं है आपसी विवाद है जिसमें मारपीट करने वाले 9 छात्रों को चिन्हित कर उनको स्कूल से निकाल दिया है. वहीं एसडीएम सीपी पटेल का कहना है कि यह रैगिंग का मामला नहीं है, बच्चों की आपसी लड़ाई है. दोषी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई है.