बिहार में बेरोजगारों को मिलेगा बेरोजगारी भत्ता, राज्य कर्मचारियों के HRA भी बढ़ा, कैबिनेट में 25 प्रस्ताव पास

पटना: बिहार की के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने युवाओं और राज्य कर्मचारियों के हितों के मद्देनजर बड़ा फैसला किया है। शुक्रवार की शाम को नीतीश कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया है कि बिहार सरकार राज्य के बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। नीतीश कुमार की कैबिनेट ने राज्य में मनरेगा के तहत बिहार बेरोजगारी भत्ता नियमावली 2024 की स्वीकृति दी गई है। साथ ही राज्य कर्मचारियों का एचआरए भी बढ़ा दिया गया है। आइए जानते हैं इस फैसले के बारे में जरूरी बातें… बिहार के बेरोजगारों को मिलेगा बेरोजगारी भत्तालोकसभा चुनाव के लगभग 3 महीने बाद आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में करीब 25 महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंजूरी की मोहर लगी। इस फैसले के तहत बिहार के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद भले ही केंद्र में एनडीए की सरकार बन गई हो, लेकिन इस चुनाव के दौरान बेरोजगारी का मुद्दा छाया रहा। लिहाजा कैबिनेट की पहली बैठक में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से बिहार के बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देने का बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले में मनरेगा के तहत बिहार बेरोजगारी भत्ता नियमावली 2024 की स्वीकृति दी गई है। बेरोजगारी का आवेदन देने के बाद यदि आवेदक को 15 दिन के भीतर रोजगार नहीं मिलता है, तो राज्य सरकार की ओर से रोजगार मांगने वाले को मांग तिथि से तय सीमा के भीतर दैनिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। सरकारी कर्मचारियों के एचआरए में इजाफाकैबिनेट ने राज्य वेतन आयोग की अनुशंसा पर मकान किराया भत्ता दर में बदलाव किया है। इसके बाद कर्मियों के हाउस अलाउंस में एक से चार फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। Y श्रेणी के शहरों में इसे 16 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया गया है। वहीं Z श्रेणी के शहरों में यह 7.5 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी हो गया है। सब-डिवीजन एवं छोटो शहरों में इसे बढ़कार 7.5 फीसदी कर दिया गया है।कैबिनेट बैठक में इन पदों के सृजन को मंजूरीकैबिनेट की बैठक में सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से आशुतोष कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी, प्रथम श्रेणी बाढ़, पटना को दंड स्वरूप सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी किया गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में कुल 247 पदों के सृजन की अनुमति दी गई है। भारतीय उप चर्चा परिषद नई दिल्ली की ओर से निर्धारित मानक के आलोक में राज्य के पुराने 22 एएनएम स्कूल और पुराने 6 जीएनएम ट्रेंनिंग स्कूल के सुचारू संचालन के लिए शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक श्रेणी के 247 पदों को सृजन किया गया है।कैबिनेट की ओर से श्रम संसाधन विभाग में बिहार श्रम सेवा के कारखाना निरीक्षक संवर्ग में पूर्व से सृजित पदों के अतिरिक्त कारखाना निरीक्षक के चार पद और मुख्य कारखाना निरीक्षक के चार पद सृजित किए गए हैं।