यूक्रेन का ‘क्रीमिया ब्रिज’ पर भयंकर हमला, पुतिन ने दिए जांच के आदेश, परमाणु हमले की आशंका तेज

रूस को क्रीमिया प्रायद्वीप से जोड़ने वाले एक पुल पर भीषण धमाके की जानकारी मिली है. बताया जा रहा है कि इस पुल पर भयंकर विस्फोट की वजह से इसका एक हिस्सा टूटकर जलमग्न हो गया है. इस ‘कर्च स्ट्रेट ब्रिज’ का उद्घाटन राष्ट्रपति पुतिन ने साल 2018 में किया था. रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध की फसाद की जड़ भी यही पुल माना जाता है. रशियन आर्मी के लिए ये ब्रिज बेहद जरूरी था. हालांकि धमाके की वजह से रूस का यह जरूरी पुल तहस-नहस हो गया है. इस ब्रिज पर हमले की जिम्मेदारी यूक्रेन ने ली है. बताया गया है कि क्रीमिया ब्रिज पर गाइडेड मिसाइल से हमला किया गया है.
यूक्रेन द्वारा क्रीमिया ब्रिज को ऐसे समय पर निशाना बनाया गया है, जब रूसी राष्ट्रपति पुतिन लगातार परमाणु हमले की धमकी दे रहे हैं. पुतिन ने साल 2014 में क्रीमिया प्रायद्वीप का अपने देश में विलय किया था. विलय के ठीक चार साल बाद साल 2018 में पुतिन ने इस ब्रिज को 4 अरब रुपये में खड़ा करवाया था. इस दौरान पुतिन ने साफतौर पर यह चेतावनी भी थी कि अगर इस ब्रिज के साथ किसी ने छेड़छाड़ की, तो रूस परमाणु हमले को अंजाम देने से पीछे नहीं रहेगा.
परमाणु हमले की खौफ
क्रीमिया ब्रिज पर हमले के बाद परमाणु हमले की आशंका भी तेज हो गई है. साल 2018 में रोड ब्रिज के बाद 2019 में इसी के पास रेलवे लाइन का उद्घाटन किया गया था. इसी रेलवे लाइन पर अब यूक्रेन ने गाइडेड मिसाइल से हमला कर दिया है. सामरिक दृष्टि से ये पुल रूस के लिए बेहद जरूरी थी. इस पुल का निर्माण पुतिन का एक बड़ा सपना था, जो अब धू-धू कर जल रहा है.
यूक्रेन द्वारा रूस के सबसे अहम ब्रिज को निशाना बनाए जाने पर अब मास्को का पहला रिएक्शन सामने आया है. रूस की एंटी टेररिज्म कमेटी ने बताया कि रोड पर चल रहे ट्रक में ब्लास्ट की वजह से ब्रिज पर ये धमाका हुआ है. इस घटना के बाद अब पुतिन एक्शन मोड में आ गए हैं. राष्ट्रपति ने इस ब्लास्ट के जांच के आदेश दिए हैं और इंक्वायरी कमीशन बनाने की बात कही है.
अमेरिका से मिले खुफिया इनपुट!
सूत्रों ने बताया है कि इस हमले में अमेरिका का सहयोग भी शामिल है. धमाके के लिए अमेरिका से खुफिया इनपुट मिले थे. जिसके आधार इस पूरी घटना को अंजाम दिया गया. अमेरिका लगातार इस युद्ध में यूक्रेन का सपोर्ट कर रहा है. इसी के तहत ऐसा कहा जा रहा है कि उसने खुफिया इनपुट यूक्रेन को उबलब्ध कराए और इसी की मदद से यूक्रेन ने इस पूरी घटना को अंजाम दिया है.
पुतिन लगातार यूक्रेन को परमाणु हमले की धमकी दे रहे हैं. ऐसे में यूक्रेन द्वारा किया गया ये सबसे बड़ा काउंटर अटैक है. पुतिन ने हालांकि इस घटना के जांच के आदेश दे दिए हैं. लेकिन वह सिर्फ तक शांत नहीं बैठने वाले. अब परमाणु हमले का खतरा भी बढ़ गया है. अब पूरी दुनिया को यह डर सताने लगा है कि कहीं पुतिन इस हमले का बदला न्यूक्लियर वॉर से न ले लें.