Odisha में दो महिला माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया

भुवनेश्वर। माओवादी शिविरों में कथित यौन उत्पीड़न के बाद दो महिला माओवादियों ने मंगलवार को ओडिशा के बौध जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस महानिदेशक (दक्षिणी क्षेत्र) नारायण पंकज ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाली दोनों माओवादी छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले की निवासी हैं। पंकज ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों महिलाएं प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) संगठन के कंधमाल-कालाहांडी-बौध-नयागढ़ (केकेबीएन) मंडल से जुड़ी थीं। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाली माओवादी महिलाएं 2018 में प्रतिबंधित संगठन से जुडी थीं। अधिकारी ने कहा कि इन महिलाओं को राज्य में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए उपलब्ध लाभ प्राप्त होंगे। पंकज ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाली महिला माओवादियों ने दावा किया कि उन्हें गाना गाने के लिए प्रतिबंधित संगठन में भर्ती किया गया था लेकिन विभिन्न गतिविधियों में उनका इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि दोनों महिलाएं भाकपा (माओवादी) संगठन में निरंतर अनैतिक गतिविधियों से निराश थीं जिसमें महिला कैडर का यौन उत्पीड़न, धमकी के माध्यम से जबरन वसूली और झूठे वादों के साथ लड़कों एवं लड़कियों को संगठन में शामिल करना शामिल था।  इसे भी पढ़ें: Madhya Pradesh के हरदा शहर में पटाखा कारखाने में आग लगने से 11 लोगों की मौत, 200 घायलअधिकारी ने कहा कि ये महिलाएं वरिष्ठ माओवादियों की मनमानी से भी परेशान थीं जो कनिष्ठ और नए कैडर के साथ अशिष्ट व्यवहार करते थे। आत्मसमर्पण करने वाली माओवादियों में से एक ने कहा कि उसे संगठन में उन गतिविधियों से समस्या थी जो माओवादी विचारधारा के खिलाफ थीं। पंकज ने माओवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हुएकहा कि उन्हें उचित पुनर्वास सुविधाएं और अपना जीवन नए सिरे से शुरू करने का मौका मिलेगा।