सोरेन की जान को खतरा! एजेंसी ने कहा- मुस्लिम संगठन और नक्सली बना सकते हैं निशाना, बढ़ाई गई सुरक्षा

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मुस्लिम संगठनों से जान का खतरा है. गिरिडीह जिला प्रशासन के गोपनीय शाखा की ओर जारी आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री सोरेन को मुस्लिम की आबादी संगठनों के अलावा विभिन्न नक्सलियों समूह से भी खतरा बताया गया है. बता दे कि आज से गिरिडीह के झंडा मैदान में “आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार कार्यक्रम” की शुरुआत सीएम ने की, इस कार्यक्रम में सीएम सोरेन को मुस्लिम क्रियावादी संगठनों से जान को खतरा को देखते हुए जेड प्लस की सुरक्षा के बीच रखा गया.
दरअसल झारखंड में पिछले कई घटनाओं में जिस प्रकार से दोषियों के रूप में अल्पसंख्यक समाज के लोगों को चिन्हित किया गया है. इससे मुस्लिम समाज के लोग काफी आक्रोशित हैं उनका कहना है कि प्रशासन ने मुस्लिम समाज को उग्रवादी की श्रेणी में खड़ा कर दिया है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. हेमंत सोरेन की सरकार को बनाने में अल्पसंख्यक समाज की अहम भूमिका रही है और आज उसी कौम को कुछ भाजपा और आरएसएस मानसिकता के पदाधिकारियों द्वारा जलील एवं नीचा दिखाया जा रहा है.
मार्च में पकड़ा गया था आतंकी इनामुल हक
युवाओं में एक गलत संदेश जा रहा है. पूर्व की सरकार ने इस समाज को हमेशा से बदनाम करने का काम किया है और आज अगर अपनी सरकार में भी इस तरह की बदनामी का दाग झेलना पड़े तो फिर समाज अब किससे उम्मीद रखें. बता दे कि इसी साल मार्च महीने में यूपी के सहारनपुर से आतंकवाद निरोधक दस्ते ने लश्कर-ए-तैयबा के संदिग्ध आतंकी इनामुल हक को गिरफ्तार किया था. इनामुल हक गिरिडीह जिले के गांवा प्रखंड के पटना गांव का रहने वाला है.
गिरफ्तार इनामुल हक धार्मिक स्थलों में बम ब्लास्ट कर धार्मिक उन्माद फैलाने का प्लान बना रहा था. वह वॉट्सऐप ग्रुप के माध्यम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के लोगों से जुड़ा हुआ था और जिहाद पर चर्चा किया करता था. उस पर लोगों का ब्रेनवाश करने का आरोप है. तमाम आरोपों को लेकर उत्तर प्रदेश एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी की. बताया जाता है कि सीएए के खिलाफ चले आंदोलन उसने भी हिस्सा लिया था.
मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाई गई
बता दे कि 30 जुलाई को हेमंत सोरेन की सरकार को अस्थिर करने के आरोप में नगद रुपयों के साथ कोलकाता में गिरफ्तार कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी , विधायक नमन विक्सल कौनगाड़ी और राजेश कच्छप के समर्थन में कई मुस्लिम संगठन के लोग सामने आए हैं , मुस्लिम संगठनों के द्वारा पिछले दिनों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ खुलकर नाराजगी देखी गई थी. सीएम सोरेन को मुस्लिम क्रियावादी संगठनों से खतरे की आशंका के बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई है