जिन्हें कुछ नहीं पता वो पाकिस्तान क्रिकेट चला रहे, भारत के ‘दुश्मन’ जावेद मियांदाद का छलका दर्द

कराची: महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने पाकिस्तान में क्रिकेट के संचालन के तरीके पर दुख जताते हुए कहा है कि राष्ट्रीय टीम में लगातार नियुक्तियों और बदलावों ने खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को हिला दिया है। मियांदाद ने यहां सिंध प्रीमियर लीग के शुभारंभ के लिए आयोजित एक समारोह के दौरान मीडिया से कहा, ‘मैंने दुनिया में कहीं भी क्रिकेट प्रशासन वैसा नहीं देखा जैसा हम पाकिस्तान में देखते हैं और ये स्थिति बेहद दुखद है।’पाकिस्तान के लिए 124 टेस्ट खेलने वाले इस पूर्व कप्तान ने कहा कि हाल के दिनों में क्रिकेट प्रशासन का टीम और खिलाड़ियों पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है। मियांदाद ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि क्रिकेट में कहीं भी इतनी जल्दी-जल्दी नियुक्तियां और बदलाव किए जाते हैं और इसका मतलब केवल यह है कि हमारे क्रिकेट ढांचे में निरंतरता नहीं है और इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि खिलाड़ियों को आत्मविश्वास नहीं मिलता।’एकदिवसीय विश्व कप के बाद पाकिस्तान क्रिकेट में एक बर फिर नियुक्तियों का दौर चला है। बाबर आजम को सभी प्रारूपों की कप्तानी से हटाने के बाद शाहीन शाह अफरीदी और शान मसूद को क्रमशः टी-20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया है। मोहम्मद हफीज को भी भारत में विश्व कप के बाद क्रिकेट निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया।वर्ल्ड कप हारने के बाद पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया का दौरा किया, जहां तीन टेस्ट मैच की सीरीज में उसका सूपड़ा साफ हो गया। इसके बाद टीम ने न्यूजीलैंड का दौरा किया, वहां भी उसे मुंह की खानी पड़ी। कीवियों ने पांच मैच की टी-20 सीरीज में लगातार शुरुआती चार मैच जीते। शाहीन शाह अफरीदी की कप्तानी वाली टीम ने क्राइस्टचर्च में खेले गए आखिरी मैच में 42 रन से जीतते हुए अपनी इज्जत भी बचा ली।