वर्दी की जगह सलवार-सूट, बूट की जगह चप्‍पलें पहनीं, स्‍थानीय महिलाओं की मदद से ऐसे बच पाईं पुलिसकर्मी

अभिषेक अग्रवाल, देहरादून: हल्द्वानी में अतिक्रमण हटाने गए पुलिसवालों पर जब अचानक पत्थरों की बरसात हुई तो उनमें से कुछ महिला पुलिसकर्मी गलियों में फंस गईं। वे अपने ऊपर बरसते पत्थरों के बीच किसी तरह अपना बचाव करती रहीं। जब पत्थरों की बौछार तेज हुई तो फोर्स तितर-बितर गई। ऐसे में वहां फंसी रह गईं चार महिला पुलिसकर्मियों को स्‍थानीय महिलाओं ने अपने घर में जगह दी। तब जाकर उनकी जान बच पाई। इसके बाद रात के अंधेरे में जब पुलिस फोर्स यहां पहुंची तो महिला पुलिसकर्मियों ने अपनी वर्दी की जगह स्‍थानीय महिलाओं के सूट-सलवार पहने और घर से निकलकर अपने साथियों तक पहुंचीं। बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने गई प्रशासन की टीम के साथ कुछ महिला पुलिसकर्मी भी थीं। यहां प्रशासन का विरोध कर रही महिलाओं को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मी जब आगे बढ़ीं तो उपद्रवियों ने पत्थर बरसाना शुरू कर दिया। इसमें कई महिला पुलिस कर्मियों को गहरी चोटें आई।गलियों में फंस गए थे पुलिसवालेविरोध कर रहे लोगों को काबू करने में 4 महिला पुलिसकर्मियों के साथ पुलिस के करीब 30 जवान इन गलियों में फंस गए। महिला पुलिसकर्मियों को परेशान होता देख स्थानीय लोगों ने उन्हें अपने घर में आने को कहा। इस दौरान पत्थरबाजों ने क्षेत्र में फंसे पुलिसकर्मियों की तलाश शुरू की। उन्‍होंने उन घरों के दरवाजों पर भी पथराव किया जहां इन्‍होंने पनाह ले रखी थी। सलवार-सूट पहने, बूट की जगह चप्‍पलें महिला पुलिस कर्मियों की जान बचाने के लिए स्थानीय महिलाओं ने उन्हें वेश बदलवाकर अपने घरों में छुपाए रखा। स्थानीय महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मियों को अपने सूट सलवार पहनने के लिए दिए। उनके बूट निकलवाकर स्थानीय महिलाओं ने अपनी चप्पल भी पहनाई और घर की अन्य महिलाओं जैसा वेश बनाकर घर में रखा। एक घर में तीन ने ली पनाह हिंसा भड़कने पर एक घर में तीन और एक घर में एक महिला पुलिसकर्मी को छुपाए रखा गया। कर्फ्यू लगने के बाद अपने जवानों को खोजते हुए पहुंची पुलिस टीम को देखकर उन परिवारों ने इन महिला पुलिस कर्मियों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। उपद्रवियों ने घर को लगाई आग पथराव के दौरान इनमें से एक परिवार को भी उपद्रवियों ने अपना निशाना बनाया। वजह यह थी कि परिवार ने पथराव में फंसी एक महिला और एक पुरुष पुलिसकर्मी को अपने घर में जगह दी थी। इसकी जानकारी उपद्रवियों को मिलते ही उन्होंने उस घर पर भी पथराव शुरू किया और घर में आग लगा दी। आग लगने की जानकारी मिलते ही वहां पहुंची फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम ने किसी तरह घर में फंसे इन सभी लोगों को बाहर निकाल। बाप बेटे सहित 6 लोगों की मौत, 300 घायलबनभूलपुरा में गुरुवार शाम से शुरू हुए बवाल के बाद अब तक छह लोगों की मौत हुई। इसमें 300 से अधिक निगमकर्मी और पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उपद्रवियों के पथराव में सिटी मजिस्ट्रेट रिचा सिंह रामनगर कोतवाल समेत 300 से अधिक पुलिसकर्मी और निगम कर्मी घायल हैं। 70 गाड़ियां जलकर खाकजैसे ही दंगा भड़कने लगा तो उपद्रवियों ने बनभूलपूरा थाने में भी आग लगा दी। इस दौरान पुलिस की जीप, जेसीबी, दमकल विभाग की गाड़ी समेत लगभग 70 से अधिक वाहन जलकर खाक हो गए। आतंक बढ़ता देख पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू किए पर हालात काबू में नहीं आए। हालात बिगड़ते देख कई अधिकारी भी जान बचाकर भाग लिए। बाजार, इंटरनेट सेवा, स्कूल बंददंगा भड़कते ही हल्द्वानी में बाजार बंद हो गए हैं साथ ही इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। बन भूलपुरा से बावल की खबर आते ही बाजारों में अफरा तफरी मच गई लोगों ने जल्दबाजी में अपने शटर गिरकर घरों को दौड़ना शुरू किया। परीक्षाएं रद्दहिंसा के बाद हल्द्वानी में विद्यालय बंद करने के आदेश हो गए हैं। शुक्रवार को आंगनबाड़ी केदो और कक्षा 1 से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यालय बंद रहेंगे। खंड शिक्षा अधिकारी हरेंद्र मिश्रा ने बताया कि बनभूलपुरा में हुए हंगामा के मध्य नजर शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है साथ ही उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी और अन्य कॉलेजों की परीक्षाएं भी रद्द हो गई हैं।