लोकसभा चुनाव में ताकत आजमा सकते हैं योगी सरकार के ये मंत्री, केशव मौर्य-ब्रजेश पाठक का नाम सबसे आगे

लखनऊः के मिशन-80 का लक्ष्य पूरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी योगी सरकार के कई मंत्रियों को मैदान में उतार सकती है। पार्टी हालिया विधानसभा चुनाव में यह ट्रिक आजमा चुकी है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनाव में बीजेपी ने कई केंद्रीय मंत्रियों को विधायकी के मैदान में उतारा था। इसमें से कई ने अपनी सीट से जीत दर्ज की। कई जीत नहीं भी पाए तो भी अपने इलाके में पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में कामयाब रहे। इसी को ध्यान में रखते हुए अब यूपी सरकार के कई मंत्रियों के चुनावी मैदान में उतारे जाने की चर्चा तेज हो गई है। इस चर्चा में यूपी के दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और का नाम तेजी से उछल रहा है।केशव प्रसाद मौर्य साल 2014 में लोकसभा सदस्य चुने गए थे। इसके बाद उन्हें यूपी चुनाव 2017 से ठीक पहले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी गई थी। इस चुनाव में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसके बाद केशव प्रसाद मौर्य को डिप्टी सीएम बनाया गया। साल 2022 के चुनाव में अपनी सीट सिराथू से चुनाव हार गए। इसके बाद भी साल 2022 में दूसरी बार बनी योगी सरकार में केशव प्रसाद मौर्य मंत्री बनाए गए। अब चर्चा है कि केशव प्रसाद मौर्य एक बार फिर लोकसभा के रण में हाथ आजमाकर फूलपुर में अपनी पकड़ को दिखाने की कोशिश कर सकते हैं।यूपी सरकार के दूसरे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को भी चुनावी मैदान में उतारे जाने की चर्चा है। यूपी चुनाव 2022 में दूसरी बार योगी सरकार के लौटने के बाद ब्रजेश पाठक को डिप्टी सीएम बनाया गया। जमीनी राजनीति करने वाले ब्रजेश पाठक स्वास्थ्य मंत्री के तौर पर अपने कार्यों से लगातार चर्चा में रहे हैं। उनकी छवि भी बढ़ी है। ऐसे में पार्टी उनकी बढ़ती ताकत की परीक्षा चुनावी मैदान में करना चाहेगी। यूपी सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह का नाम भी लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों में लिया जा रहा है। पार्टी उनकी ताकत को हथियार बना सकती है।कांग्रेस से भाजपा में आकर अपनी अलग पहचान बना चुके जितिन प्रसाद को भी भाजपा चुनावी मैदान में उतार सकती है। ब्राह्मण वोट बैंक को साधने के लिए पार्टी की ओर से उनके चेहरे का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रदेश में औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लगातार काम करने वाले योगी के मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी पर भी पार्टी दांव लगा सकती है। प्रयागराज से रीता बहुगुणा जोशी के चुनावी मैदान से हटने की स्थिति में नंदी यहां से किस्मत आजमाते दिख सकते हैं। योगी सरकार में मंत्री बेबी रानी मौर्य को भी पार्टी चुनावी मैदान में उतार सकती है। दलित वोट बैंक के बीच उनके जरिए पकड़ बढ़ाने की कोशिश होगी। इसके अलावा धर्मपाल सिंह का नाम भी सामने आ रहा है। पार्टी प्रशासनिक- पुलिस सेवा से राजनीति में आने वाले असीम अरुण और राजेश्वर सिंह पर भी दांव खेल सकती है। इनके अलावा संजय गंगवार, अनूप बाल्मीकि, सिद्धार्थनाथ सिंह, श्रीकांत शर्मा के भी लोकसभा चुनाव के मैदान उतरने की इच्छा की बात कही जा रही है।