लालू के हाथ में सियासी बॉल थमा ।.N.D.I.A की पिच पर कौन सा शॉट लगाने के मूड में नीतीश कुमार?

पटना: जेडीयू प्रमुख की राजनीति किस करवट बैठेगी, ये तो सिर्फ नीतीश कुमार ही जानते हैं। वे कब क्या कदम उठाएंगे, सिर्फ और सिर्फ वही जानते हैं। कल तक जेडीयू नीतीश कुमार को इंडिया गठबंधन को संयोजक बनाने की मांग कर रही थी, वहीं अब नीतीश कुमार खुद दो कदम पीछे हटकर लालू यादव के नाम को आगे बढ़ा दिया है। कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार ने तगड़ी सियासी किक मारी है। फिलहाल इसका जवाब न तो कांग्रेस के पास है, ना ही लालू यादव के पास। यूं कहें तो इंडिया गठबंधन की पिच पर नीतीश कुमार स्ट्रेट फॉरवर्ड खेलने के मूड में हैं। यही कारण है कि उन्होंने सियासी बॉल अब लालू यादव के हाथ में दे दी है।मुझे संयोजक नहीं बनना: नीतीशदरअसल, इंडिया गठबंधन की दिल्ली में हुई बैठक के बाद लग रहा था कि नीतीश कुमार अब आर-पार के मूड में हैं। कहा तो ये भी जा रहा था कि संयोजक नहीं बनाए जाने से जेडीयू प्रमुख नाराज चल रहे हैं। कयासों के बीच चर्चा होने लगी थी कि संभव हैं नीतीश कुमार एक बार फिर एनडीए के साथ आ सकते हैं। साल बदला तो लगा कि जेडीयू भी बदल सकती है, हालांकि ऐसा कुछ हुआ नहीं। नीतीश कुमार धीरे-धीरे ही सियासी चाल चलते रहे। शनिवार को एक बार फिर इंडिया गठबंधन की वर्चुअल बैठक हुई। मीटिंग में एक बार संयोजक का मुद्दा उठा। सहयोगियों ने नीतीश कुमार के नाम को आगे बढ़ाया। नाम सुनते ही नीतीश कुमार ने बड़े भैया के नाम की पैरवी कर दी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नीतीश कुमार ने जैसे ही लालू यादव के नाम को आगे बढ़ाया, सब लोग चौंक गए। कुछ देर के लिए मीटिंग में सन्नाटा छा गया। इसके बाद नीतीश कुमार ने कहा कि लालू यादव सबसे सीनियर नेता हैं, उनको गठबंधन का संयोजक बनाया जाए। नीतीश ने साफ कहा कि मैं संयोजक नहीं बनना चाहता हूं।अब लालू के पाले में गेंद?अब सवाल उठता है कि ऐसा क्या हुआ कि नीतीश कुमार को सियासी गेंद लालू के पाले में डालना पड़ा। दरअसल, नीतीश कुमार दूर की राजनीति करते हैं। नफा-नुकसान देखकर सियासी कदम आगे बढ़ाते हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि नीतीश कुमार नाराज हैं, इसमें कोई दो राय नहीं है। वे बताना भी नहीं चाहते और वे बिना कहे सबकुछ बता भी देना चाहते हैं। नीतीश ने लालू यादव के नाम को आगे बढ़ाकर आरजेडी के साथ-साथ कांग्रेस को भी संदेश दे दिया कि अगर भविष्य में इंडिया गठबंधन का बुरा हश्र होता है तो ठिकरा उनके सिर नहीं फोड़ा जाएगा।तो अगला चाल अब नीतीश चलेंगे?अब सवाल उठता है कि नीतीश संयोजक भी नहीं बनेंगे। गठबंधन में पहले की तरह सक्रीय भी नहीं रहेंगे तो करेंगे क्या। इस सवाल का जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। सियासी पंडितों का मानना है कि नीतीश कुमार अगर बैक हुए हैं तो तय है कि अगला चाल भी चलेंगे। संभव है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति भी बदल जाए।