इजरायल में भारतीय मूल के युवक की हत्या, परिवार के साथ इसी साल हुआ था शिफ्ट

इजरायल जाकर बसे भारतीय मूल के एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई है. युवक भारत के उत्तर पूर्वी राज्य का रहने वाला है जो यहूदी समुदाय से ताल्लुक रखता है. यह घटना शुक्रवार की है जब युवक अपने एक दोस्त की बर्थडे पार्टी में गया था, जहां आपस में लड़ाई छिड़ गई. युवक की पहचान 18 वर्षीय योएल लेहिंगहेल के रूप में हुई है. रिपोर्ट के मिताबिक इस साल की शुरुआत में ही लेहिंगहेल अपने परिवार के साथ इजरायल के नोफ हागलिल में शिफ्ट हुआ था. वो अपने घर से इजरायल के नॉर्थ में भारतीय मूल के अपने दोस्तों से मिलने और बर्थडे पार्टी में शामिल होने के लिए निकला था.
बर्थडे पार्टी में 20 से ज्यादा लड़कों के बीच आपसी लड़ाई छिड़ गई, जिसमें कथित रूप से चाकूबाजी भी हुई और लेहिंगहेल को चाकू लग गई. इजरायल में भारतीय यहूदी प्रवासियों के लिए काम करने वाले एक कार्यकर्ता मीर पाल्टियल ने मीडिया को बताया कि लड़ाई में घायल होने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया. इसकी जानकारी उसके परिवार को दे दी गई है.
पुलिस ने 8 लड़कों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने कथित तौर पर घटना में शामिल होने के संदेह में पास के एक शहर चैटज़ोर हाग्लिट ​​से एक 15 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है. टाइम्स ऑफ इज़राइल की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को पुलिस ने कहा कि उन्होंने 13 से 15 साल के बीच के सात अन्य युवकों को भी हिरासत में लिया है. नोफ हागलिल के मेयर रोनेन प्लॉट ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में इसे “अपने शहर का नुकसान” कहा. मेयर ने बताया कि लेहिंगहेल ने इजरायली सेना में शामिल होने की भी इच्छा जताई थी.
इजरायल जाकर बस रहे यहूदी समुदाय के लोग
लेहिंगहेल, बन्नी मेनाशे यहूदी समुदाय का सदस्य था जो पिछले दो दशकों से मणिपुर और मिजोरम के उत्तर-पूर्वी भारतीय राज्यों से इजरायल में प्रवास कर रहा है. माना जाता है कि बन्नी मेनाशे मनश्शे की बाइबिल जनजाति के वंशज हैं, जो 2,700 साल पहले इज़राइल से निर्वासित दस जनजातियों में से एक है. 2005 में, तत्कालीन सेफ़र्डिक प्रमुख रब्बी श्लोमो अमर ने इस समुदाय के लोगों को इज़राइल का वंशज घोषित किया था, जिससे वे जाकर इजरायल में बसने लगे. कहा जाता है कि कुछ 3,000 बन्नी मेनाशे समुदाय के सदस्य हाल के वर्षों में इज़राइल में आकर बसे हैं.