‘माइक ठोक रहे थे कि लाइन है कि नहीं…’ पढ़ें- बिहार विधानसभा में हुए माइक कांड की कहानी

पटना: बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मंगलवार को सदन में पर हो रही ईडी की कार्रवाई को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक शुरू हई। प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी के सदस्यों ने तेजस्वी यादव के इस्तीफे की मांग की और भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा दिया। बीजेपी विधायकों का कहना था कि करप्शन पर जीरो टालरेंस की बात करने वाले नीतीश कुमार तेजस्वी यादव से इस्तीफा लें। इसी बीच बीजेपी विधायक लखींद्र पासवान पर माइक तोड़ने का आरोप लगा। विधानसभा अध्यक्ष ने तुरंत बीजेपी विधायक को दो दिन के लिए सदन की कार्यवाही से निष्कासित कर दिया। सदन से बाहर आकर विधायक ने भी अपनी बात मीडिया के सामने रखी। आइए जानते हैं बिहार विधानसभा में हुए माइक कांड की पूरी कहानी…आज बीजेपी विधायक लखींद्र पासवान ने सदन में आंगनबाड़ी और सेविकाओं का मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर पूरक प्रश्न किया। उनके प्रश्न का जवाब समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने दिया। लेकिन विपक्ष उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। इस पर पासवान कुछ बोलने के लिए खड़े हुए। तभी उनका माइक बंद कर दिया गया। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। सत्ता पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक ने माइक तोड़ दिया है। बीजेपी विधायक ने इससे इनकार किया, उन्होंने कहा कि वो माइक की लाइन जांच रहे थे। इधर बीजेपी विधायक के बर्ताव से विधानसभा स्पीकर खफा हो गए। उन्होंने लखींद्र पासवान के खिलाफ सदन की कार्यवाही से निष्कासन की कार्रवाई कर दी। सदन में लखींद्र पासवान ने माइक को लेकर सफाई भी दी। बीजेपी विधायक पर हुई कार्रवाई के बाद तेजस्वी यादव ने माइक को लेकर हमलावर हो गए। उन्होंने सदन में माइक पकड़ते हुए कहा- देखिए मैंने इस माइक को चार बार पकड़ा है, अब क्यों नहीं टूटा है। इधर विधानसभा अध्यक्ष की कार्रवाई से नाराज होकर बीजेपी विधायक सदन में हंगामा करने लगे। सदन को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इधर नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा सदन के बाहर विधायकों के साथ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा कि विधायक के ऊपर पक्षपात पूर्ण कार्रवाई की गई है। इधर बीजेपी विधायक ने भी ‘पुष्पा’ स्टाइल में मीडिया में अपना जवाब दिया। आज विधानसभा की कार्यवाही हंगामेदार रही। सत्र की कार्यवाही तेजस्वी यादव को घेरने के लेकर शुरू हुई और अंत माइक कांड पर हुआ।