शब्दों की चोट शस्त्रों की चोट से ज्यादा गहरी होती है, राहुल गांधी को सजा पर बोले राजनाथ- न्यायिक आदेश से मिलेगी सीख

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ कथित मोदी सरनेम टिप्पणी में दायर आपराधिक मानहानि मामले में दोषी पाए जाने के बाद राजनीतक दलों की ओर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल जी को इस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए। शब्दों की चोट शस्त्रों की चोट से ज्यादा गहरी और पीड़ादायक होती है और शब्द जब अनर्गल और झूठे हों तब चोट और भी गहरी और कष्टदायक हो जाती है।इसे भी पढ़ें: क्या केजरीवाल बढ़ा रहे कांग्रेस की तरफ दोस्ती का हाथ! राहुल की सजा पर बोले- ग़ैर बीजेपी नेताओं को ख़त्म करने की हो रही साज़िशकेंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे विश्वास है कि इस न्यायिक आदेश से सीख लेते हुए हम सभी को ये सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा किसी भी स्थिति में टूटने न पाए। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने इस पर प्रतिक्रिया देत हुए कहा कि जैसा बीज बोएंगे वैसा ही पौधा निकलेगा,मनमोहन सिंह जी और शरद यादव व अन्य ने मिलकर कानून में संशोधन किया था जिसमें 2 साल नहीं बल्कि 5 साल की अगर सज़ा हो तब संसद की सदस्यता खत्म होनी चाहिए और इन्होंने उस बिल को जनता के सामने फाड़ा था। इसे भी पढ़ें: राहुल गांधी ने देश के खिलाफ कुछ कहा है तो सरकार देशद्रोह का मामला क्यों नहीं दर्ज कराती?बता दें कि सूरत की एक अदालत ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 2019 के एक आपराधिक मानहानि मामले में दोषी पाया है, जो उनके खिलाफ उनकी विवादास्पद “मोदी उपनाम” टिप्पणी को लेकर दायर किया गया था। उन्हें दो साल जेल की सजा सुनाई गई है और उन्हें तुरंत जमानत दे दी गई है। राहुल गांधी कल शहर पहुंचे थे।