नवरात्रि के दौरान गरबा का क्रेज देश के साथ ही विदेश में भी देखने को मिल रहा है. रंग-बिरंगे कपड़ों में मां की आराधना के साथ गरबे की थाप और आनंद की छटा देश ही नहीं बल्कि विदेश के कोने में भी दिखाई पड़ रही है. माता के जयकारे भी गुंजायमान हो रहे हैं. यह पल ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में भी भारतीय मूल की उज्जैन निवासी आदिति रावल के जज्बे ने साकार किया है.
ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले लोग इन दिनों माता की आराधना के साथ ही उनकी भक्ति में गरबे में रमे नजर आ रहे हैं. मेलबर्न के विक्टोरिया नेबरहुड सिटी में अदिति ने डॉकलेन रिप्रेजेंटेटिव ग्रुप के साथ मिलकर नवरात्रि के गरबा की शुरुआत की है, जिसमे काफी आनंद और उत्साह के साथ लोग शामिल हो रहे हैं.
गरबा में पारंपरिक डांस कर माता की आराधना कर रहे हैं. अदिति का कहना है कि भावी पीढ़ी को साथ लेकर अपनी संस्कृति के बारे में जोड़े रखने के लिए और भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए मुख्य रूप से इस गरबे का आयोजन किया जा रहा है.
मेलबर्न सिटी में गरबे के आयोजन के पहले मुझे काफी मशक्कत करना पड़ी. मैं एक महीने पहले से इस आयोजन से सभी लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रही थी. इसके लिए मैंने वाट्सएप ग्रुप का सहारा भी लिया और सतत मेहनत करती रही, जिसका परिणाम है कि आज मेरी यह परिकल्पना पूरी हुई है.
पहले पूजन फिर हुआ गरबा का आयोजन
गरबा के इस आयोजन के लिए एक ग्राउंड तैयार किया गया. जहां माता की पूजा-अर्चना व दीप प्रज्जवलन के बाद गरबे की शुरुआत हुई. गरबे में क्षेत्र के वासियों की संख्या काफी अधिक थी, जो कि विशेष परिधानों को पहनकर इस आयोजन में सम्मिलित होने आए थे, जिन्होंने गरबा खेलकर माता की आराधना की.
लोगों का उत्साह था देखने लायक
गरबा उत्सव के दौरान जैसे-जैसे शाम हो रही थी, लोगों का उत्साह बढ़ रहा था. अंधेरा होते ही ग्राउंड की रंग-बिरंगी रोशनी के बीच लोगों का उत्साह देखने लायक था. शाम को पारंपरिक गरबे की शुरुआत महाआरती से हुई. जिसके बाद डांडिया थीम पर तैयार अनेक भजन व गीत बजाए गए. वैसे तो गरबा महोत्सव का आनंद लेने के लिए किसी ने कोई-कसर नहीं छोड़ी थी, लेकिन बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक अलग-अलग तरह के यूनिक ड्रेस में नजर आए.