G20 Summit में आ रहे मेहमानों को होंगे सनातन संस्कृति के दर्शन, गीता का ज्ञान भी मिलेगा

जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत की राजधानी दिल्ली में मेहमानों का जमावड़ा लगने वाला है। दिल्ली में मेहमानों के स्वागत के लिए कई तैयारियां की गई है। दिल्ली की सड़ों का कायाकल्प किया गया है जिसके जरिए मेहमानों को भारत की सनातन, सांस्कृतिक विरासत, कला और विकास के पथ के दर्शन कराए जाएंगे। इसके साथ ही भारत पूरी तरह से तैयार है कि विदेशी प्रतिनिधियों के समक्ष अपनी डिजिटल ताकत को प्रदर्शित करे। राजधानी के प्रगति मैदान में नवनिर्मित सम्मेलन स्थल ‘भारत मंडपम’ में नौ एवं 10 सितंबर को जी20 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन में शामिल होने के लिए आने वाले मेहमानों के स्वागत के लिए समूचे नयी दिल्ली क्षेत्र को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है। दिल्ली की सड़कों पर हर तरफ वॉल पेंटिंग्स बनाई गई है, जहां से डेलीगेट्स के काफीलों को गुजरना है। ये कलाकृतियां भैरो मार्ग रेलवे ब्रिज के नीचे दीवारों पर बनाई गई है। इसमें रामायण, महाभारत और विष्णु अवतार के भव्य रूप को दर्शाया गया है। विभिन्न राज्यों के पारंपरिक नृत्य कला, चित्रकारी की झलक भी इसमें है। वहीं इस रास्ते पर ही भारतीय रेल ने भी अपने सफर को दर्शाया है। यहां भारतीय रेल के स्टीम इंजन से लेकर वंदे भारत ट्रेन तक भारतीय रेल के सफर को दीवारों पर पेंटिंग के जरिए दिखाया गया है। स्टीम इंजन से अत्याधुनिक ट्रेन हासिल करने तक का सफर दर्शाया गया है।  गीता ऐप का भी होगा जिक्रइस दौरान आधार और यूपीआई जैसे प्रौद्योगिकी मंचों को दर्शाने के साथ ‘गीता’ ऐप के जरिये जीवन को समझने का मौका भी मिलेगा। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने भारत मंडपम में डिजिटल इंडिया का एक अनुभव क्षेत्र भी स्थापित किया है जहां पर पिछले कुछ वर्षों में देश को हासिल प्रौद्योगिकी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। यहां पर विदेशी मेहमानों को पवित्र ग्रंथ गीता की शिक्षाओं एवं उसके दर्शन को समझने का मौका एक विशेष ऐप के जरिये मिल सकेगा।  मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को कहा कि ‘आस्क गीता’ एक ऐसा माध्यम होगा जिसके माध्यम से विदेशी मेहमान इस पवित्र ग्रंथ में उल्लिखित शिक्षाओं के अनुरूप जीवन से जुड़े विविध पहलुओं को समझ सकेंगे। इसके साथ ही सम्मेलन में आने वाले प्रतिनिधि डिजिटल कॉमर्स को बढ़ावा देने के लिए गठित ओएनडीसी मंच के साथ संवाद भी कर सकेंगे। मेहमान ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ओएनडीसी) के कियोस्क से जान सकेंगे कि यह मंच विक्रेताओं, उपभोक्ताओं और नेटवर्क प्रदाताओं को व्यापक स्तर पर किस तरह जोड़ता है।  विदेशी मेहमानों को डिजिटल इंडिया अभियान के दौरान वर्ष 2014 से अबतक हासिल उपलब्धियों से भी रुबरु होने का मौका मिलेगा। इस दौरान ‘डिजिटल सार्वजनिक ढांचे’ से जुड़े बुनियादी सिद्धांतों एवं प्रौद्योगिकी पहलों के बारे में ‘डिजिटल ट्री’ प्रदर्शनी के जरिये जाना जा सकेगा। सम्मेलन में शिरकत करने के लिए आने वाले विदेशी मेहमानों की मदद के लिए खास जी20 इंडिया मोबाइल ऐप भी जारी किया गया है। इस ऐप पर सम्मेलन से संबंधित जरूरी सूचनाएं हासिल की जा सकती हैं।