मार्च में पहले मई का अहसास अब झमाझम बरसात, दिल्ली में मौसम को हुआ क्या है?

नई दिल्ली : मार्च की शुरुआत में तेजी से बढ़ते तापमान ने लोगों को मई की गर्मी का अहसास करा दिया था। अब पिछले दो दिन से हो रही झमाझम बारिश के बाद मौसम पूरी तरह से बदल गया है। दिल्ली-एनसीआर में कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ ओले ने पारे में तेजी से कमी कर दी है। ऐसे में लोगों को समझ ही नहीं आ रहा कि आखिर दिल्ली-एनसीआर में मौसम को हुआ क्या है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में ये अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहा है। दिल्ली में सोमवार को शाम को झमाझम बारिश हुई। इससे कई जगह पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। कहां कितनी बारिशभारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार शाम 5.30 बजे से रात 8.30 बजे के बीच पूरी दिल्ली में बारिश हुई। सफदरजंग में 06.6 मिमी बारिश के साथ अधिकतम 32 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं और गरज के साथ बारिश हुई। जबकि पालम में 10.4 मिमी बारिश के साथ अधिकतम 46 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गरज के साथ बारिश हुई। राजधानी में सोमवार को अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमश: 26 और 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।आने वाले सप्ताह में कैसा रहेगा मौसममौसम विभाग ने मंगलवार को आसमान में बादल छाए रहने और बूंदाबांदी की भी भविष्यवाणी की है। आईएमडी ने एक बयान में कहा, 20 मार्च को पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज, बिजली/तेज हवाओं के साथ छिटपुट से लेकर व्यापक रूप से हल्की/मध्यम बारिश होने की संभावना है। उत्तराखंड में 21 मार्च को, आंधी, बिजली, तेज़ हवा और ओलावृष्टि की संभावना है। इसके बाद 23 मार्च से इस क्षेत्र में बारिश और गरज के साथ बारिश का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण बेमौसम बारिशभारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण पिछले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में बेमौसम बारिश और ओले गिरे हैं। IMD ने पंजाब, हरियाणा और मध्य प्रदेश के किसानों को गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई स्थगित करने की सलाह दी है। पक चुकी फसलों के मामले में आईएमडी ने किसानों को सलाह दी है कि वे कुछ राज्यों में जल्द से जल्द सरसों और चने जैसी फसलों की कटाई करें और सुरक्षित स्थानों पर उनका भंडारण करें। किसानों को फसल के पौधे को गिरने से बचाने के लिए गेहूं की फसल की सिंचाई नहीं करने को भी कहा गया है।