सूखी धरती और झुलसेगी… भारत ही नहीं दुनिया में पड़ रही भीषण गर्मी, क्‍या सच हो रही नास्‍त्रेदमस की भविष्‍यवाणी

पेरिस: भारत समेत पूरी दुनिया में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सऊदी अरब में हज यात्रा के दौरान 1000 से ज्यादा मौतें हों या दक्षिण एशिया से लेकर दक्षिण पूर्व एशिया तक चल रही खतरनाक हीटवेव, इन सबके पीछे धरती का लगातार बढ़ता तापमान जिम्मेदार है। यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, मई 2024 अब तक रिकॉर्ड इतिहास में सबसे गर्म मई दर्ज की गई है। सिर्फ यही नहीं, यह लगातार 12वां महीना रहा है जब पृथ्वी का तापमान रिकॉर्ड रूप से उच्च दर्ज हुआ है। जून 2023 के बाद से हर महीनी रिकॉर्ड स्तर पर सबसे गर्म रहा है। भयंकर पड़ रही गर्मी ने एक बार फिर मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की उस भविष्यवाणी की चर्चा तेज कर दी है, जो उन्होंने साल 2024 के लिए की थी।नास्त्रेदमस की भविष्यवाणीमशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस ने 2024 को लेकर अपनी भविष्यवाणी में चेतावनी दी थी कि इस साल धरती पर जलवायु परिवर्तन का कहर टूटेगा। इसमें कहा गया है कि सूखी धरती और अधिक झुलस जाएगी और जब यह नजर आने लगेगा तो एक भयंकर बाढ़ आएगी। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी ग्रीनहाउस प्रभाव के कारण बढ़ते वैश्विक तापमान और गर्मी की लहर का संकेत हो सकता है।क्या सच हो रही है भविष्यवाणी?जिस तरह से धरती का तापमान इस समय तेजी से बढ़ रहा है, यह नास्त्रेदमस की भविष्यवाणी के बेहद करीब जाता दिखाई दे रहा है। बीते महीने को ही देखें तो इसने अब तक के सबसे गर्म मई होने का रिकॉर्ड बना लिया है। मई महीने में औसत वैश्विक तापमान 12.97 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था, जो 1991-2020 के औसत से 0.65 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा है। वहीं, 1850-1900 के पूर्व औद्यौगित औसत से तुलना करें तो यह 1.52 डिग्री सेल्सियस गर्म रहा था। जुलाई 2023 के बाद से यह महीना लगातार 11वां महीना था, जो पेरिस समझौते द्वारा निर्धारित 1.5 डिग्री से ज्यादा गर्म रहा। कौन थे नास्त्रेदमस?नास्त्रेदम एक फ्रांसीसी औषधिविद, चिकित्सक और भविष्यवक्ता था। उन्होंने 1555 में अपनी पुस्तक लेस प्रोफेटीज प्रकाशित की थी। इसमें उन्होंने 942 कविताओं के माध्यम से विश्व की घटनाओं के बारे में कई भविष्यवाणियां की थीं। नास्त्रेदमस की भविष्यवाणियों में कई अक्षरशः सही साबित हुई हैं। नास्त्रेदमस की प्रसिद्धि इतनी रही है कि वर्तमान में सटीक भविष्यवाणी करने वाले को ‘नया नास्त्रेदमस’ कहकर संबोधित किया जाता है।