जंगल में मिली आदिवासी लड़की की लाश, शरीर पर नहीं थे पकड़े; 13 दिन से थी लापता

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा के सोनवाही की जंगल में एक आदिवासी लड़की का शव मिला है. पुलिस ने शव को जब्त कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है.पूरी घटना कवर्धा के झलमला इलाके की है. परिजनों ने 13 दिन पहले नाबालिग लड़की के गुम होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई थी. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पूरे मामले की जांच हो रही है.
बताया जा रहा है कि रविवार की शाम को एमपी पुलिस जंगल में सर्च अभियान चला रही थी. तभी उन्हें एक लड़की का शव मिला. लड़की नाबालिग है. झाड़ियों से बदबू आने के बाद पुलिस को शक हुआ,उसके बाद एक पुलिस का जवान वहां पहुंचा और लड़की का शव मिला. पुलिस अधिकारी ने कहा कि परिजनों से शव की पहचान करा ली गई है.
लड़के पर लगा था लड़की को भगा ले जाने का आरोप
कवर्धा थाना के झलमला में बीते 5 तारीख की रात एक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा था. लड़की भी इस कार्यक्रम में शामिल हुई थी. इसी बीच, परिजनों ने आरोप लगाया कि बारे लाल धुर्वे जिसकी उम्र 22 वर्ष थी, वह लड़की को लेकर रात में ही फरार हो गया. परिजनों ने उसकी खूब तलाश की, पर लड़की का कोई अता-पता नहीं चला. इसके बाद उन्होंने थाने में मामला दर्ज कराया था. बारे लाल धुर्वे मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के पटेवा गांव का रहने वाला बताया जाता है.
जंगल में मिला था लड़की का शव
परिजनों के संदेह के आधार पर पुलिस ने बारे लाल धुर्वे को पूछताछ के लिए 6 तारीख को बुलाया था. पूछताछ में वह पुलिस को गुमराह करने लगा. दूसरे दिन बारेलाल धुर्वे ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.वहीं, इस बीच 19 तारीख को पटेवा ग्राम के जंगल में एक नाबालिक लड़की का शव मिला.
पुलिस घटना की जांच में जुटी
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि युवक झलमला के पटेवा गांव का रहने वाला बताया जाता है. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पहली नजर में नाबालिक लड़की के साथ गलत काम को अंजाम दिया गया है. उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का पता चलेगा. पुलिस ने लड़की के परिजनों से पूछताछ की है. साथ ही इस मामले में सुसाइड करने वाले लड़के के रिश्तेदारों से भी जानकारी जुटाई गई है.