66 लोगों की जान लेने वाली कफ सिरप कंपनी का है करोड़ों में टर्नओवर, विदेशों में भी फैला है कारोबार

कोल्ड एंड कफ सिरप के कारण 66 लोगों की जान जाने के बाद वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने चेतावनी जारी कर दिया है. इस चेतावनी के बाद इसे बनाने वाली कंपनी पर कई तरह के सवाल उठने लगे है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ( WHO) ने अपनी चेतावनी में साफ कर दिया है कि गाम्बिया में हुए बच्चों की मौत का संबंध इस कंपनी से जुड़ा है. लेकिन क्या आपको पता है कि दिल्ली बेस्ड इस कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है और इसका विस्तार केवल देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी फैला हुआ है.
करोड़ों में है टर्नओवर
बिजनेस स्टैंटर्ड में छपी रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली बेस्ड कंपनी मेडेन फार्मा ने वित्त वर्ष 2021 में 38.07 करोड़ का टर्नओवर दिखाया है. एबिडा की बात करें तो यह 91.41 लाख का बताया गया है. वहीं मेडेन फार्मा का फ्रॉफिट आफ्टर टैक्स 5.82 लाख रुपए का दिखाया गया है. इस रिपोर्ट के मुताबिक इस कंपनी के प्रमोटर नरेश गोयल हैं.
विदेशों में भी फैला है कारोबार
विवादों में घिरी इस कंपनी के बेवसाइट के मुताबिक मेडेन फार्मा का कारोबार केवल भारत में नहीं बल्कि विदेशो में भी फैला हुआ है. कंपनी की मौजूदगी अफ्रीका, दक्षिण-पूर्व एशिया और दक्षिण अमेरिका देशों में भी है. वहीं रूस, पोलैंड और बेलारूस में भी कंपनी ने कारोबारी विस्तार किया हुआ है. मेडेन फॉर्मा की बेवसाइट के मुताबिक कंपनी कफ सिरप के अलावा कैप्सूल, टैबलेट, इंजेक्शन दवा और दूसरे मलहम ही बनाती है.
ISO सर्टिफाइट है कंपनी
करीब 30 साल पुरानी यह कंपनी आईएसओ 9001-2015 प्रमाणित है. कंपनी ने खुद अपनी बेवसाइट पर इसका जिक्र किया हुआ है. भारत में कंपनी के दो प्लांट हरियाणा के कुंडली और पानीपत में मौजूद है. कंपनी की बेवसाइट के मुताबित मेडेन फॉर्मा का कॉरपोरेट ऑफिस दिल्ली के पीतमपुरा में बताया गया है.
पहले भी विवादों में घिर चुकी है कंपनी
साल 1990 में स्थापित दिल्ली बेस्ड मेडेन फॉर्मा के सामने पहली बार कोई ऐसा विवाद नही आया है. बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले भी साल 2013-14 में कंपनी पर खराब क्वालिटी के पैरासिटामोल सिरप गैरकानूनी तरीके से बेचने का आरोप लग चुका है. उस समय कंपनी झारखंड ड्रग कंट्रोलर के जांच के घेरे में आई थी.