AIIMS में मरीजों को भ्रमित कर रहे दलाल, डायरेक्टर ने स्टॉफ और डॉक्टरों से मांगी लिस्ट

आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (AIIMS) में दलालों के खिलाफ सख्ती के मूड में है. लगातार आ रही शिकायतों को देखते हुए एम्स डायरेक्टर ने सभी डॉक्टरों व अन्य स्टॉफ से ऐसे लोगों को चिन्हित करने और इसकी सूचना देने के निर्देश दिए हैं. इस संबंध में उन्होंने एक सर्कुलर भी जारी किया है. इसमें कहा है कि एम्स के अंदर कुछ निजी संस्थानों के लोग घूमते हैं. ये यहां आने वाले मरीजों को भ्रमित करते हैं. इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एम्स निदेशक ने एक वाट्सऐप नंबर भी जारी किया है.
एम्स के डायरेक्टर डॉ. एम श्रीनिवास ने शुक्रवार को जारी अपने सकुर्लर में सुरक्षा कर्मियों से कहा कि इस तरह के लोगों को वह गेट पर ही चिन्हित करें और तत्काल पुलिस को सौंप दें. इसकी सूचना उनके आधिकारिक ईमेल पर भी दिया जाना चाहिए. उन्होंने सर्कुलर में कहा कि एम्स परिसर में कहीं भी कोई अनाधिकृत व्यक्ति जैसे कि किसी निजी कंपनी, अस्पताल, पैथालॉजी लैब या रेडियोलॉजी सेंटर से जुड़ा आदमी नजर आए तो उसके खिलाफ बेहिचक कार्रवाई होनी चाहिए. तत्काल उसे पकड़ कर पुलिस को सौंपते हुए उसके खिलाफ मरीजों को भ्रमित करने और अनाधिकृत तरीके से एम्स के अंदर घुसपैठ करने का केस दर्ज कराया जाना चाहिए. उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों के बारे में सूचित करने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा.
जांच के नाम पर भ्रमित करते हैं दलाल
बता दें कि एम्स में आने वाले मरीजों को अक्सर दलाल भ्रमित करते रहते हैं. उन्हें निजी पैथालॉजी या रेडियोलॉजी सेंटर में जाकर जांच कराने को कहते हैं. जबकि एम्स प्रबंधन की ओर से सभी मरीजों को जारी ओपीडी कार्ड से यह सुविधा अंदर ही मिल जाती है. इसी प्रकार दलाल मरीजों को दवाई व सर्जिकल आइटम की खरीद बाहर से करने के लिए बरगलाते हैं.
वर्जित है दलालों का प्रवेश
एम्स परिसर में पहले से ही दलालों का प्रवेश वर्जित है. इस संबंध में जगह जगह नोटिस बोर्ड भी लगाए गए हैं. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि पकड़े जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी. इसी के साथ एम्स प्रबंधन ने मरीजों को भी अलर्ट करते हुए बोर्ड लगाया है कि वह किसी निजी संस्थान के व्यक्ति, वेंडर या एजेंट के प्रभाव में ना आएं. बावजूद इसके आए दिन एम्स प्रबंधन को दलालों की मौजूदगी के संबंध में शिकायतें मिल रही है.
कैसे पहचाने दलाल
एम्स डायरेक्टर ने अपने सकुर्लर में ही ऐसे अनाधिकृत लोगों के पहचान के उपाय भी बताए हैं. उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति यूनिफार्म में नहीं है और उसका आईकार्ड ढंका हुआ है, वह अनाधिकृत की श्रेणी में आएगा. ऐसे लोगों को अस्पताल के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. इसमें उन्होंने अस्पताल के सभी डॉक्टरों और कर्मचारियों को वर्दी के साथ आईकार्ड पहनने का निर्देश दिया है.